सिंगरौली
नाली निर्माण में संविदाकार मेसर्स सारिब कंस्ट्रक्शन की मनमानी, गुणवत्ता को लेकर लोगों में आक्रोश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 28 में लाखों रूपये की लागत से हो रहे नाली निर्माण में जमकर अनियमितता तो की ही जा रही है, साथ ही नाली निर्माण में मनमानी रवैया ठेकेदार के द्वारा अपनाया जा रहा है। जिसमें इंजीनियरों की जमकर लापरवाही सामने आ रही है। सूत्रों की बात माने तो नगर निगम के वार्ड क्रमांक 28 ने आरसीसी नाली निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया है। यह नाली कचनी अशोक कुशवाहा के घर से लेकर दिनेश प्रताप सिंह के घर तक बनाया जाना है। जिसकी कुल लागत अनुमानित 35 लाख 12 हजार 64 रूपये बताई जा रही है। नाली निर्माण की जिम्मेदारी मेसर्स सारिब कंस्ट्रक्शन को मिली है। जहां नाली निर्माण को लेकर संविदाकार के द्वारा गुणवत्ता को नजरअंदाज किया जा रहा है। वहीं नाली निर्माण में भेदभाव का भी मामला सामने आ रहा है। सूत्रों की बातों पर गौर करे तो जिस स्थान पर नाली का निर्माण किया गया है, वह बेतरीके से नाली बनाई जा रही है। बताया जाता है कि सड़क बनाई गई है। सड़क को दबाकर नाली बनाई जा रही है। जबकि जो पूर्व में नाली बनाई गई है, वह सही है।
लेकिन संविदाकार व नगर निगम के इंजीनियर बिना अतिक्रमण हटाये नाली बना रहे हैं। ऐसे में सड़क मार्ग सकरी हो जाएगी और अतिक्रमण बढ़ता बढ़ता जाएगा। लेकिन नगर निगम के इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारी संविदाकार पर दबाव नही बना पा रहे हैं या फिर यह कहें कि संविदाकार को नगर निगम के अधिकारियों के द्वारा अभयदान दिया जा रहा है। जिसके चलते संविदाकार अपनी मनमानी पर उतारू होकर नाली निर्माण का कार्य करा रहा है। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि आरसीसी नाली निर्माण में संविदाकार के द्वारा जमकर कोताही बरती जा रही है। लाखों की लागत से नाली का निर्माण कार्य हो रहा है, जो गुणवत्ता को नजरअंदाज किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि संविदाकार नगर निगम के अधिकारियों के नियमो को नजरअंदाज करते हुये निर्माण कार्य करा रहा है। नाली निर्माण में मटेरियल में भी लापरवाही बरत रहा है। जिसके चलते काफी आक्रोष देखा जा रहा है। इस समस्या की ओर वार्ड वासियों ने ननि आयुक्त का ध्यान आकृष्ट कराते हुये जांच कराये जाने की मांग की है।



