1975 में इन्दिरा गांधी द्वारा लगाये गये इमरजेंसी 50 वर्ष बाद भी भुला नहीं पाये भारतवासी- अनंत ओझा
Indians have not been able to forget the emergency imposed by Indira Gandhi in 1975 even after 50 years - Anant Ojha

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। शहर के अपर्णा मार्केट कांप्लेक्स में राजमहल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अनंत ओझा ने कांग्रेस द्वारा लगाये गये आपातकाल के 50 वां वर्ष के सम्बन्ध में एक प्रेस को सम्बोधित किया। इस दौरान ओझा ने कहा है कि 25 जून भारतवर्ष में एक काले दिवस के तौर पर जाना जाता रहेगा, क्योंकि इसी दिन 1975 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट के अपने खिलाफ आए निर्णय, जिसमें उनके चुनाव को अवैध घोषित किया था से बचने के लिए असंविधानिक तरीके से आपातकाल लगाकर पूरे देश को कारागार में बदल दिया था। उन दिनों बाबू जयप्रकाश नारायण का देश की सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन भी चरम पर था। कहा आपातकाल लगाकर गांधी ने उस आन्दोलन की आवाज दबा दी थी। एक लाख से अधिक लोगों को 19 महीने जेलों में सड़ना पड़ा और उन्हें यह भी नहीं पता था कि कभी वह इस काल कोठरी से बाहर भी आयेंगे या नहीं। प्रेस व मीडिया पर सैंसर लगाकर संविधान के चौथे स्तंभ की आवाज भी कुचल दी गई थी। 80 लाख से अधिक लोगों की जबरदस्ती नसबंदी करके तथा तुर्कमान गेट की इमारतों को गिरा कर गांधी ने अपनी शासकीय क्रूरता से देश में डर तथा भय का माहौल बना रखा था। मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष अमृत पांडेय, प्रदेश मंत्री दुर्गा मरांडी समेत अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।



