बालाघाट

ग्राम बिसापुर के बालापुर में मनाई गई भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती

विधायक गौरव पारधी ने उपस्थित होकर भगवान बिरसा मुंडा को किया नमन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

कटंगी : कटंगी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बालापुर (बिसापुर) में भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक गौरव सिंह पारधी ने कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान उपस्थित प्रबुद्ध जनों से संवाद करते हुए उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं।

*भगवान बिरसा मुंडा का साहस और संघर्ष हमेशा मार्गदर्शन करता रहेगा – गौरव पारधी*

विधायक गौरव पारधी ने समस्त आदिवासी समुदाय को “जय सेवा, जय जोहार” से संबोधित करते हुए भगवान बिरसा मुंडा जयंती की की बधाई एवं शुभकामनाएं साझा कीं। उन्होंने उपस्थित प्रबुद्ध जनों के साथ संवाद किया कहा कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान, स्वतंत्रता और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए भगवान बिरसा मुंडा का साहस और संघर्ष हमेशा मार्गदर्शन करता रहेगा। उनकी विरासत समाज को सशक्त बनाने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने का कार्य करती है।

     इस अवसर पर गौरव पारधी ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के ऊपर छत निर्माण का भी आश्वासन दिया, ताकि यह स्थल और सुरक्षित एवं संरक्षित बन सके।

          कार्यक्रम में मंगल शिंग कुर्वेती, अनिल कुमार ऊइके, कुशल ऊइके और मनक लाल इनवाती सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय जनजातीय परंपराओं का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने कार्यक्रम की गरिमा और उत्सव भाव को बढ़ाया।

*बासी देवरी में भगवान बिरसा मुंडा  की जयंती पर कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन*

         कटंगी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बासी देवरी में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कबड्डी प्रतियोगिता रही, जिसमें ग्रामीण युवाओं ने भाग लेकर उत्साह और खेल भावना का प्रदर्शन किया। विधायक गौरव पारधी ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया और प्रतियोगियों को हौसला बढ़ाते हुए इस अवसर की विशेषताएं साझा कीं।

          इस अवसर पर जिला पंचायत सभापति श्रीमती केसर बिसेन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतियोगियों का हौसला बढ़ाया और खेल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रकार के आयोजन न केवल खेलकूद को बढ़ावा देते हैं बल्कि आदिवासी संस्कृति और समाज की पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।

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