असम

असम में होगी मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण  

10 फरवरी 2026 को जारी होगी अंतिम सूची।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

असम :  आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत असम में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (Special Revision – SR) शुरू किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग ने 17 नवंबर 2025 को इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए विस्तृत कार्यक्रम जारी किया। यह प्रक्रिया सामान्य Summary Special Revision (SSR) या Special Intensive Revision (SIR) से कुछ मामलों में अलग होगी। वर्ष 2026 के लिए 1 जनवरी को पात्रता की तिथि तय की गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, यह विशेष पुनरीक्षण SSR का उन्नत संस्करण होगा, जिसमें ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) प्रत्येक घर जाकर पहले से संकलित मतदाता जानकारी का सत्यापन करेंगे। जहां देश के 12 राज्यों में आयोग ने SIR लागू किया है, वहीं असम में अलग से SR प्रक्रिया अपनाई जा रही है। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने निर्वाचन आयोग के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह आयोग के साथ सहयोग करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि, “असम सरकार विशेष पुनरीक्षण की पहल का स्वागत करती है और निर्वाचन आयोग को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी।”

कार्यक्रम की समय-सारिणी:
22 नवंबर से 20 दिसंबर 2025: घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन

27 दिसंबर 2025: मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन

10 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची जारी

पात्रता के मुख्य मानक:
संविधान के अनुच्छेद 326 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अनुसार —

नागरिक भारत का होना चाहिए।

1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष या अधिक आयु होनी चाहिए।

संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए।

व्यक्ति मानसिक रूप से सक्षम हो और किसी कानूनी अयोग्यता के अंतर्गत न आता हो।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक परिवार के मतदाता एक ही भाग में दर्ज हों और प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता ही पंजीकृत किए जाएं। BLO प्रत्येक घर जाकर मृत या स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान करेगा, त्रुटियों में संशोधन करेगा और प्रपत्र-7 के माध्यम से नाम विलोप करेगा। मतदाता प्रपत्र-6 और 8 से इच्छानुसार अपना आधार जोड़ सकेंगे, हालांकि आधार देना अनिवार्य नहीं होगा। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि पुनरीक्षण शुरू करने से पहले सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से परामर्श किया जाएगा ताकि प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न हो। अंतिम सूची प्रकाशित होने से पूर्व आयोग की अनुमति ली जाएगी और सीईओ को 14 फरवरी 2026 तक अंतिम रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी।

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