मुरादाबाद
चाहें कुछ कर लो हम नहीं सुधरेंगे – खंड शिक्षा अधिकारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बेसिक शिक्षा विभाग में बहुचर्चित एक खंड शिक्षा अधिकारी के कारनामों से शासन से लेकर मास्टर ओर अधिकारी तक सब परेशान हैं। अभी कुछ दिन पूर्व ही सरकारी धनराशि की हेराफेरी करने में सस्पैंड हो चुकी यह अधिकारी अपनी हरकतों से विभाग के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार की छवि को भी पलीता लगाने से पीछे नहीं रहती है। जानकारी मिली है कि इसके सर्विस रिकॉर्ड के अनुसार यह जहां भी रही वहीं इसने अपनी हरकतों से सभी को परेशान किया और जमकर उत्पात मचाया। जिस कारण यह सभी जगह से हटाई ही गई है। आगरा मंडल के एटा ओर अलीगढ़ जिले में तथा मेरठ मंडल के बागपत जिले में अपने भ्रष्टाचार, अभद्रता और वसूली के लिए मशहूर रही यह खंड शिक्षा अधिकारी दंडित हो चुकी है। जनपद एटा में तो जब पूरा जिला ही इससे परेशान हो गया तो वहां के जिलाधिकारी को ही इसे रिलीव करवाना पड़ा। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार अलीगढ़ में हुए करोड़ों रुपए के जीपीएफ घोटाले में अन्य लोगों के साथ इस पर मुकदमा दर्ज हो चुका है। बागपत जिले में इसके शोषण, वसूली ओर अभद्रता से परेशान होकर वहां के शिक्षक नेताओं ओर जनप्रतिनिधियों को ही इसे हटाने के लिए पहल करनी पड़ी। वहां खुद को फंसता देखकर विभाग के अधिकारियों पर ही अनर्गल आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की साजिश भी इस अधिकारी के द्वारा की गई। मगर जांच समिति की रिपोर्ट में खुद ही दोषी पाई गई। अब मुरादाबाद में भी पिछले 2 सालों से अपनी चिरपरिचित कार्यशैली के अनुसार यह अधिकारी जमकर शिक्षकों ओर कर्मचारियों का उत्पीड़न करके आनन्द ले रही थी। काम के समय बीमारी का बहाना बनाकर गायब हो जाने वाली यह अधिकारी दूसरों को प्रताड़ित करने का कोई मौका नहीं छोड़ती है। ओर जब कोई शिकायत या कार्यवाही की बात करे तो उल्टा उस पर ही आरोप प्रत्यारोप लगाने का धंधा शुरू कर देती है। ऐसे ही अब तक 20 बरस की नौकरी काट ली ओर आगे भी काम चल जाएगा। मगर बेसिक शिक्षा विभाग के लिए नासूर बन चुकी यह अधिकारी न जाने कितने गलत कार्यों में संलिप्त है और सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति को ढेंगा दिखा रही है। ऐसे अधिकारियों के लिए तो यही कहना सही होगा कि चाहें कुछ कर लो हम नहीं सुधरेंगे।
1- बेसिक शिक्षा अधिकारी विमलेश कुमार
2- खंड शिक्षा अधिकारी वंदना सैनी
3- जिलाधिकारी अनुज सिंह




