अमेठी
भाजपा नेता और व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष ने एसपी से की मुलाकात
सौंपा शिकायती पत्र,राजनीतिक विरोधियों पर लगाया छवि धूमिल करने का आरोप

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। भाजपा नेता और उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष पर लगातार अलग अलग लोगो द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को लेकर जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने एसपी अपर्णा रजत कौशिक से मुलाकात कर ऐसे लोगो पर कार्यवाही की मांग की जो उनपर आरोप लगा रहे है।जिलाध्यक्ष का कहना था कि उन पर लगाये जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद है राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के कारण कुछ लोग उन्हें बदनाम कर रहे है।
दरअसल पिछले कुछ दिनों से भाजपा नेता और उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी पर जमीन कब्जा करने और जमीन खरीद का पैसा न देने का आरोप लग रहा है।आज इसी मामले को लेकर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी एसपी ऑफिस पहुँचे जहाँ उन्होंने एसपी को शिकायती पत्र देते हुए पूरे मामले की जांच और छवि धूमिल करने वाले लोगो पर कार्यवाही की मांग की।महेश सोनी ने कहा कि मैं भाजपा का सक्रिय सदस्य व उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल का जिला अध्यक्ष हूँ। मेरी पत्नी नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुकी है। मैं विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहा हूँ।अभी हाल में ही कमला देवी पत्नी स्वर्गीय रामसुमेर व जंगजीत पुत्र स्व रामसुमेर निवासी मुराई का पुरवा व आशा पाल ग्राम सभा टेरी थाना मुंशीगंज व राम सजीवन पुत्र नोहरी निवासी रायपुर फुलवारी वार्ड नंबर 1 तथा कुछ अन्य लोग जो राजनीतिक साजिश के तहत छवि धूमिल करने में लगे हैं।किसी मामले में कोई लेना-देना नहीं है।कमला देवी उनके पुत्र जंग जीत द्वारा यह झूठा प्रचार किया जा रहा है। कि महेश सोनी ने जंगजीत से बैनामा लिया है। उसका प्रतिफल नहीं दिया है जबकि उक्त बैनामा व झूठी खबर के बारे मैं जब पता लगवाया तो सत्यता का पता चला की जंगजीत ने अपनी भूमि का बैनामा भूमि नंबर 3432 का 0.3650 हेक्टेयर विक्रय भूमि का क्षेत्रफल 250 वर्ग मीटर का बैनामा श्यामरति पत्नी राकेश सरोज के नाम दिनांक 16 नवंबर 2024 को किया था।इस बैनामा से हमारा कोई लेना-देना नहीं है।जंगजीत,कमला देवी और आशा पाल ये सब लोग मेरे राजनीतिक विरोधी के उकसाने पर मेरे विरुद्ध षड्यंत्र रच रहे हैं जिससे मेरी राजनीतिक और व्यापारिक छवि धूमिल हो रही है।दो दिन पहले राम सजीवन पुत्र नोहरी रायपुर फुलवारी वार्ड नंबर 1 के द्वारा एक झूठा प्रार्थना पत्र दिया गया कि उनकी जमीन बिना पैसे दिए 3 साल पहले बैनामा करवा लिया था जबकि प्रार्थी ने बैनामा के लिखवाने से पहले पूरा पैसा दे दिया था। इस तरह से प्रार्थी की राजनीतिक विरोधी द्वारा तरह-तरह के षड्यंत्र करके प्रार्थी की राजनीतिक व व्यापारिक हानी व छवि धूमिल की जा रही है।



