अंतरराष्ट्रीयदिल्ली

IAF तो बड़ा खिलाड़ी निकला ; अमेरिकी पायलट ने खोली पोल

 पाक वायु सेना जिसे राफेल समझ टारगेट कर खुश होती रही वो था X-गार्ड, 

नई दिल्ली : ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई को हुई थी और इस ऑपरेशन को 10 मई को रोक दिया गया था। इस ऑपरेशन के दौरान भारत की वायु सेना ने जो क्षमता दिखाया था उसे देख अमेरिका के पूर्व पायलट की तरफ से कहा गया कि ये अब तक का सबसे बेहतरीन स्पूफिंग और डिसेप्शन (भ्रम और धोखा) है। यानी जो कारनामा भारतीय वायुसेना ने कर दिखाया। ऐसा अब तक किसी भी देश की वायु सेना ने नहीं करके दिखाया है।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अमेरिका की वायुसेना के पूर्व पायलट की तरफ से भारत का लोहा माना गया है। इसके साथ ही पूर्व अमेरिकी पायलट ने तो यहां तक कह दिया कि जो कारनामा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायु सेना ने करके दिखाया है। इससे पहले ऐसा कारनामा पहले कभी नहीं देखा गया। इस वक्त पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञ ऑपरेशन सिंदूर की स्टडी करने में लगे हुए हैं। ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई को हुई थी और इस ऑपरेशन को 10 मई को रोक दिया गया था। इस ऑपरेशन के दौरान भारत की वायु सेना ने जो क्षमता दिखाया था उसे देख अमेरिका के पूर्व पायलट की तरफ से कहा गया कि ये अब तक का सबसे बेहतरीन स्पूफिंग और डिसेप्शन (भ्रम और धोखा) है। यानी जो कारनामा भारतीय वायुसेना ने कर दिखाया। ऐसा अब तक किसी भी देश की वायु सेना ने नहीं करके दिखाया है।
पूर्व अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल और F-16 थंडरबर्ड पायलट रयान बोडेनहाइमर ने इस पूरे काम का श्रेय राफेल फाइटर जेट में लगने वाले एक्स गार्ड डिकोय सिस्टम को दिया गया है। एक्स गार्ड डिकोय सिस्टम राफेल फाइटर जेट की स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर शूट का हिस्सा है। एक्स गार्ड डिकोय सिस्टम 30 किलोग्राम का टो डिकोय सिस्टम है। जिसको 100 मीटर लंबी फाइबर ऑप्टिक केबल से जोड़ा जाता है। ये सिस्टम फाइटर जेट के पीछे और नीचे के हिस्से पर लगा रहता है। इस सिस्टम की सबसे खास बात ये होती है कि इस सिस्टम को केवल 2 सेकेंड के अंदर ही डिप्लॉय कर दिया जाता है। जैसे ही इस सिस्टम की जरूरत खत्म हो जाती है। उसके बाद ही इस सिस्टम को तुंरत ही रिकवर भी कर लिया जाता है। एक्स गार्ड 360 डिग्री के दायरे में जैमिंग सिग्नल भेजता है, जो दुश्मन के रडार और मिसाइलों के एक्टिव सीकर्स को भ्रमित करता है। यह रडार सिग्नेचर को नकली बनाता है, जिससे ऐसा लगता है कि यह एक असली जेट है। यह दुश्मन के रडार को भ्रमित करने के लिए रीयल-टाइम में सिग्नल को बदलता रहता है, जिससे मिसाइलें असली जेट के बजाय डिकॉय को निशाना बनाती हैं।

भारत ने पाकिस्तान को कैसे बेवकूफ बनाया :

अमेरिकी वायु सेना के पायलट रयान बोडेनहाइमर ने IDRW.org को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि कैसे भारत ने राफेल एक्स-गार्ड का इस्तेमाल करके पाकिस्तान को छकाया। बोडेनहाइमर ने कहा कि भारत की रणनीति ने पाकिस्तान की चीन निर्मित PL-15E हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और J-10C लड़ाकू विमानों को पूरी तरह से चकमा दे दिया। PL-15E मिसाइल, जो चीन के PL-15 का एक संस्करण है, इस छलावे का विरोध नहीं कर सकी। X-गार्ड ने पाकिस्तान के J-10C लड़ाकू विमानों पर लगे KLJ-7A AESA रडार को भी यह सोचकर गुमराह किया कि उन्होंने राफेल विमानों को निशाना बनाया है। बोडेनहाइमर ने कहा कि इस मिशन ने इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के नियमों को फिर से परिभाषित किया होगा। जेन्स डिफेंस वीकली ने कहा कि राफेल जेट को मार गिराने के कुछ पाकिस्तानी दावे वास्तव में इन एक्स-गार्ड को लेकर ही किए गए हैं। इस ऑपरेशन में भारतीय वायु सेना की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीकों ने पाकिस्तान वायुसेना को पूरी तरह भ्रमित कर दिया।
डसॉल्ट के सीईओ ट्रैपियर ने एक रक्षा वेबसाइट को दिए साक्षात्कार में कहा कि भारत ने अपना एक राफेल विमान खो दिया है। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह ऊँचाई पर तकनीकी खराबी के कारण हुआ। फ्रांसीसी रक्षा वेबसाइट एवियन डी चेस ने ट्रैपर के हवाले से कहा कि यह घटना “एक विस्तारित प्रशिक्षण अभियान के दौरान 12,000 मीटर से अधिक की ऊँचाई पर” हुई। कंपनी ने बाद में स्पष्ट किया कि ट्रैपियर ने ऑपरेशन सिंदूर में राफेल के उपयोग के संबंध में कोई परिचालन या तकनीकी टिप्पणी नहीं की है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button