शामली
नाई नगला जाटान में मुंहपका-खुरपका का कहर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना: क्षेत्र के सकौती ग्राम पंचायत के मजरा नाई नगला जाटान में मुंहपका-खुरपका बीमारी ने कहर बरपा दिया है। 20 दिनों से पशु इस संक्रामक बीमारी की चपेट में हैं, जबकि तीन पशुओं की मौत हो चुकी है। आरोप है कि पशु चिकित्सा विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।
करीब 700 की आबादी वाले नाई नगला जाटान गांव में इन दिनों पशुपालकों के सामने संकट खड़ा हो गया है। गांव के अधिकांश घरों में पशु बीमार हैं, और मुंहपका-खुरपका बीमारी तेजी से फैल रही है। पशुपालकों में सुनील की एक भैंस की मौत हो चुकी है और दूसरी गंभीर हालत में है। योगेश की एक बछिया मर गई, जबकि दो गाय बीमार हैं। राजवीर, जगपाल, कर्मवीर, कंवरपाल, नंदपाल और रामकुमार सहित कई पशुपालकों के पशु बीमारी से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 20 दिनों से हालात खराब हैं, लेकिन पशु चिकित्सा विभाग की टीम एक बार भी गांव नहीं पहुंची। कई बार फोन करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में पशुपालकझोलाछाप से इलाज करा रहे हैं, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हो रहा। हर दिन पशुओं की हालत बिगड़ती जा रही है, जिससे पशुपालकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागकी लापरवाही के चलते बीमारी फैलती चली गई और समय रहते इलाज न मिलने से पशुओं की मौत हो रही है। पशुपालकों ने जल्द से जल्द चिकित्सा टीम भेजकर राहत दिलाने की मांग की है। पशुचिकित्सा अधिकारी ऊन डा. इमरान
अंसारी ने बताया कि करीब एक महीने पहले क्षेत्र में टीकाकरण अभियान चलाया गया था, जिसमें नाई नगला जाटान भी शामिल था। संभव है कुछ पशु टीकाकरण से छूट गए हों। जल्द ही टीम भेजकर पशुओं का उपचार कराया जाएगा और स्थिति पर नियंत्रण किया जाएगा।
20 दिन से बीमारी से जूझ रहे पशुपालक, विभाग वेखवर: नाई
नगला जाटान में 20 दिनों से मुंहपका-खुरपका बीमारी ने पशुपालकों की कमर तोड़ दी है। लाखों रुपये कीमत के पशु बीमार हैं, और तीन की मौत हो चुकी है। सवाल उठ रहा है कि क्या समय रहते टीकाकरण और जागरूकता अभियान की कमी रही? ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग चैन की नींद सो रहा है, जबकि पशुपालक रोज नुकसान झेल रहे हैं। समय पर उपचार न मिलने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
आरोप है कि पशु चिकित्सा विभाग की टीम एक वार भी गांव नहीं पहुंची