
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बसंतराय/गोड्डा : प्रखंड क्षेत्र के सांचपुर सांखी पंचायत में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। पंचायत में लगाए गए 6 से अधिक सोलर जलमीनार पिछले कई वर्षों से खराब पड़े है। जिसके कारण ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा लाखों रुपये की लागत से लगाए गए ये सोलर जलमीनार शुरूआती दिनों में ही ठीक से नहीं चल पाए और धीरे-धीरे पूरी तरह बंद हो गए। वर्तमान में स्थिति यह है कि अधिकांश जलमीनार अनुपयोगी बने हुए हैं और उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों, यहां तक कि पंचायत के मुखिया को भी इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। हैरानी की बात यह है कि पंचायत के मुखिया के घर के सामने ही दो-तीन सोलर जलमीनार वर्षों से खराब पड़े हुए हैं, इसके बावजूद उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है।
गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी की समस्या और विकराल रूप ले लेती है। गांव के लोगों को दूर-दराज के चापाकलों या अन्य स्रोतों से पानी लाना पड़ता है, जिससे महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा कठिनाई होती है। कई बार पानी की कमी के कारण दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय पर इन जलमीनारों की मरम्मत कर दी जाती, तो आज उन्हें इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण ही यह स्थिति उत्पन्न हुई है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खराब सोलर जलमीनारों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द सभी खराब सोलर जलमीनारों की जांच कराकर उनकी मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि पंचायत के लोगों को शुद्ध और नियमित पेयजल उपलब्ध हो सके।



