कानपुर
बेमौसम आंधी-बारिश से ठप हुई बिजली व्यवस्था
वैश्विक तनाव के बीच ईंधन पर सख्ती ने बढ़ाई परेशानी

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
कानपुर : बेमौसम आंधी-बारिश और वैश्विक परिस्थितियों के चलते उत्पन्न पेट्रोलियम संकट का असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ दिखने लगा है। जाजमऊ स्थित ईएसआईसी अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण रजिस्ट्रेशन और उपचार व्यवस्था ठप हो गई, जिससे बीमित कर्मचारियों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शनिवार से मौसम के अचानक बदलाव के चलते आई आंधी-बारिश में पोल, तार और पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई। केस्को की व्यवस्था चौथे दिन भी पटरी पर नहीं लौट सकी, जिसका सीधा असर अस्पताल सेवाओं पर पड़ा। मंगलवार रात भर बिजली न रहने के कारण अस्पताल अंधेरे में डूबा रहा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जनरेटर चलाया गया था, लेकिन डीजल खत्म होने के कारण उसे निरंतर नहीं चलाया जा सका। जनरेटर ऑपरेटर संदीप कुमार ने बताया कि पूरी रात जनरेटर चलने से डीजल समाप्त हो गया। उनके अनुसार वर्तमान में 114 लीटर डीजल उपलब्ध हुआ है और सुबह 10:30 बजे से जनरेटर चलाया गया है। यदि आगे भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती है, तो यह स्टॉक लगभग 3 से 4 घंटे तक ही चल सकेगा। वहीं इलेक्ट्रिशियन अभिषेक यादव ने बिजली बाधित होने को अव्यवस्था का मुख्य कारण बताया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ० परमानंद कुमार ने स्पष्ट किया कि डीजल की उपलब्धता सीमित होने के कारण जनरेटर संचालन प्रभावित हुआ। पेट्रोल पंपों पर निर्धारित सीमा से अधिक डीजल न मिलने के कारण अस्पताल को कई स्थानों से थोड़ा-थोड़ा डीजल जुटाना पड़ा। इधर पेट्रोल पंप संचालक ओम सिंह चौहान के अनुसार, वर्तमान में शासन के निर्देशों के तहत डीजल और पेट्रोल की बिक्री पर सख्त मानक लागू हैं। चार पहिया वाहनों के लिए अधिकतम 50 लीटर तथा ट्रक/बस/ट्रैक्टर के लिए 200 लीटर तक ही डीजल दिया जा सकता है। इससे अधिक मात्रा पर आधार कार्ड और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य है। जिला पूर्ति अधिकारी के आदेशानुसार सभी पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी चालू रखना, 50 लीटर से अधिक डीजल लेने वालों का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज करना तथा जेरीकेन या ड्रम में पेट्रोल-डीजल न देने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है। वैश्विक स्तर पर अमेरिका-इज़रायल-ईरान तनाव और संभावित ईंधन संकट के चलते आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। गैस और ईंधन की किल्लत किसी से छुपी नहीं है। ऐसे में एक ओर प्रकृति की मार से बिजली व्यवस्था ध्वस्त है, तो दूसरी ओर पेट्रोलियम संकट ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। इस दोहरे संकट के बीच आम आदमी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है, और अब अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाएं भी इससे अछूती नहीं रहीं। यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति और ईंधन संकट पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो स्थिति और विकट हो सकती है।



