नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
बागपत। दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। तेज रफ्तार से दौड़ रहे एक कैंटर का केबिन अचानक अलग होकर डिवाइडर से जा टकराया, जिससे उसमें सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतवाली बागपत क्षेत्र के गांव खुब्बीपुर निवाड़ा निवासी आरिफ अपने भाई आसिफ, साथी शमशाद, मुनफैद (निवासी भौराकलां, मुजफ्फरनगर) और समीम (हाल निवासी निवाड़ा) के साथ कैंटर से ईंट सप्लाई का कार्य करते थे। गुरुवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पांचों युवक दिल्ली में ईंट सप्लाई कर अपने घर लौट रहे थे।
बताया जा रहा है कि जैसे ही उनका कैंटर डूंडाहेड़ा के निकट दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे पर पहुंचा, तभी अचानक वाहन के केबिन के बोल्ट निकल गए। तेज रफ्तार के चलते केबिन मुख्य बॉडी से अलग होकर अनियंत्रित हो गया और सीधे डिवाइडर से जा टकराया। हादसा इतना भीषण था कि उसमें सवार आरिफ और मुनफैद की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए घायल युवकों को कैंटर से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल बागपत भिजवाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वाहन की तकनीकी खराबी और लापरवाही सामने आ रही है।इस दर्दनाक हादसे से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।
सवाल खड़ा करता हादसा:
यह दुर्घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहनों की नियमित जांच को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है। यदि समय रहते वाहन की तकनीकी जांच की जाती, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता



