पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर दो प्रमुख ट्रेनों का ठहराव शुरू, फिर भी यात्रियों की समस्याएं बरकरार
Two major trains stop at Pakur railway station, yet passenger problems persist

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़ (झारखंड)। लंबे समय से चल रही मांग और प्रयासों के बाद पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर 12041UP- 12042DN हावड़ा– न्यू जलपाईगुड़ी शताब्दी एक्सप्रेस तथा 22611UP- 22612DN सेंट्रल चेन्नई– न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित कर दिया गया है। यह सुविधा 9 अप्रैल से प्रभावी हो गई, जिसका शुभारंभ केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने ऑनलाइन माध्यम से किया। जबकि पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर हावड़ा मंडल के डीआरएम विशाल कपूर ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेनों को रवाना किया। इस अवसर पर रेलवे अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। हालांकि, इस उपलब्धि के बावजूद क्षेत्र के लोगों और यात्रियों में असंतोष बना हुआ है। उनका कहना है कि पाकुड़ जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन, जो प्रतिवर्ष 5000 से अधिक का राजस्व देता है, के लिए अभी तक देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए कोई सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है। यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि लॉकडाउन के दौरान बंद की गई पैसेंजर ट्रेनों का संचालन अब तक बहाल नहीं किया गया है। इसके अलावा, शियालदह–वाराणसी एक्सप्रेस को भी पुनः शुरू नहीं किया गया, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं और अन्य यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आधुनिक दौर में भी स्टेशन पर अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जो रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। इसके अलावा, लंबे समय से लंबित इशाकपुर आरओबी (रेल ओवरब्रिज) परियोजना का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। यह परियोजना क्षेत्र के सबसे घनी आबादी वाले इलाकों को जोड़ने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जब तक पाकुड़ से राजधानी के लिए सीधी रेल सेवा, बंद पड़ी ट्रेनों का पुनः संचालन और बुनियादी ढांचे का विकास नहीं किया जाता, तब तक क्षेत्र का समग्र विकास बाधित रहेगा। उन्होंने रेलवे प्रशासन से शीघ्र ठोस कदम उठाने की मांग की है।



