गोड्डा

पवित्र रमजान माह के अवसर इफ्तार पार्टी का आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
बसंतराय। प्रखंड क्षेत्र के बनियाडीह स्थित शकुंतला कॉम्प्लेक्स में   भाईचारे और सौहार्द का एक खूबसूरत नज़ारा देखने को मिला।  वरुण यादव के द्वारा अपने आवास पर एक भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इस इफ्तार पार्टी में करीब 500 रोजेदारों और स्थानीय लोगों ने शिरकत की और सामूहिक रूप से रोजा खोलकर अमन, शांति और भाईचारे की दुआएं मांगी। रमजान का महीना इस्लाम धर्म में बेहद पवित्र और खास माना जाता है। यह महीना सब्र, इबादत, रहमत और इंसानियत का पैगाम देता है। पूरे महीने रोजेदार सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत में अपना समय बिताते हैं। शाम के वक्त जब अज़ान की आवाज़ गूंजती है तो रोजेदार खजूर और पानी के साथ अपना रोजा इफ्तार करते हैं। बनियाडीह में शकुंतला कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस इफ्तार पार्टी में भी कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला। जैसे ही शाम का समय हुआ और अज़ान की आवाज़ आई, सभी रोजेदारों ने एक साथ बैठकर दर्जनों प्रकार के फल मिष्ठान जूस पानी  से रोजा खोला और अल्लाह से दुआ मांगी कि समाज में अमन-चैन कायम रहे और सभी लोगों के जीवन में खुशहाली आए। पूरे कार्यक्रम के दौरान आपसी भाईचारा और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के के रूप में बसंतराय प्रमुख अंजर अहमद, जिप सदस्य अरशद वहाब शामिल हुए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इफ्तार पार्टी में कई गणमान्य लोग भी शामिल हुए। इनमें सिकंदर यादव, वरुण यादव, बजरंगी यादव, उप प्रमुख भारत पंडित,  प्रमोद यादव, बाके लोहड़ीका, कैलाश पंडित, मंटू यादव जमालुद्दीन, मुखिया आलमगीर, मोहम्मद आफताब, मोहम्मद सुल्तान अहमद, नसीम भैसानी सहित बसंतराय क्षेत्र के कई सम्मानित लोग उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने इस आयोजन की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में भाईचारे और एकता को मजबूत करते हैं। रमजान का महीना हमें इंसानियत, आपसी प्रेम और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश देता है। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का सिकंदर यादव एवं वरुण यादव ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य इस इफ्तार पार्टी के माध्यम से लोगों को एक मंच पर लाना और आपसी भाईचारे को मजबूत करना था। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना हमें सब्र, सादगी और इंसानियत की सीख देता है और अगर हम इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं तो समाज में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। इफ्तार के बाद लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात की, रमजान की मुबारकबाद दी और देश व समाज में शांति की बात कही।
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