जालौन
रात्रि में चले चेकिंग अभियान में महज छह ओवरलोड मौरम भरे ट्रक मिले
प्रशासनिक अभियान को विफल बनाने वाले विभीषणों पर कसी जाये नकेल
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
कालपी (जालौन)। खनिज का अवैध परिवहन सुर्खियों में आते ही साख बचाने की कवायद शुरू हो गई है पर विभागीय विभीषणों के चलते अधिकारियों को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। शनिवार देर रात तक चले अभियान में टीम को महज आधा दर्जन अवैध बालू के ट्रक मिले हैं उनके जाते ही हाईवे पर ट्रकों का रैला निकल पड़ा था।
वैसे तो क्षेत्र में खनिज का अवैध परिवहन कोई नया नही है बल्कि अर्से से संचालित है लेकिन विगत कुछ दिनों से अवैध परिवहन का मामला बेहद सुर्खियों में है जिसके चलते खनन और परिवहन से जुडे़ जनपदांे मंे भी प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस तथा परिवहन और खनिज विभाग के अधिकारियों से मिलकर निगरानी शुरू कर दी है और गत तीन दिनों में तहसील क्षेत्र में एसडीएम मनोज कुमार सिंह की अगुआई वाली टीम को महज 24 ट्रक ही अवैध परिवहन करते मिले थे जिन्हें विभिन्न थानो के सुपुर्द कर दिया गया है लेकिन अभियान के तीन दिनों में महज 24 ओवरलोड ट्रक मिलना संतोषजनक नही है जबकि नगर सीमा से ही प्रतिदिन हजारों की संख्या में ओवरलोड ट्रक निकलते हैं। शनिवार देर रात अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा एसडीएम मनोज कुमार सिंह व सीओ अवधेश कुमार सिंह ने कोतवाली के बल के साथ अभियान चलाया था लेकिन महज 6 मौरम ट्रक ही गिरफ्त में आ सके है जिसमें तीन ट्रक तो उन्हें एक पेट्रोल पंप से उठाने पड़े थे। एसडीएम के मुताबिक बालू के अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
विभागीय ,विभीषण, अधिकारियों की मेहनत पर फेर रहे पानी
शासन की सख्ती के बाद खनिज का अवैध परिवहन वर्षो से ऐसे ही नही चल रहा है बल्कि इसमें अपनों की भी भूमिका है जिसमे जिम्मेदारों के सारथियो के साथ कारखासों की भी अहम भूमिका रहती हैं जो साहब के सडक पर आने से पहले ही सूचना लोकेशन कारोबारियों तक भेज देते है और उनके आने पर सडक पर उन्हें सन्नाटा मिलता है जिससे खनिज के अवैध परिवहन के खिलाफ सही ढंग से कार्यवाही नही हो पा रही है।
जिम्मेदारों पर भी सवाल आखिर कहां से आती अवैध मौरम
विदित हो कि खनन के लिए शासन उन्हें पटटा देता है जिसमे उन्हें प्रति ट्रक निर्धारित राशि खनिज विभाग को देनी होती हैं जिसकी निगरानी के लिए भी खनिज विभाग ने तरह तरह के इंतजाम भी किए है लेकिन इसके बावजूद बडी संख्या में ट्रक वालू का अवैध परिवहन करते हैं लेकिन हाईवे पर अभियान चला रहे खनिज और परिवहन विभाग को इस अवैध वालू की जानकारी नही रहती तो सवाल यह है कि आखिर यह अवैध वालू आती कहा से लेकर इसका जबाब किसी के पास नही है।

