गोड्डा
देवघर चौक से हरिणकोल जाने वाली नहर पथ में गढ्ढे ही गड्ढे
राहगीर को इस मार्ग पर चलना हुआ दुश्वार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
साढ़े चार किलोमीटर लंबी सड़क की हालत खराब
ठाकुरगंगटी। ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र के देवघर चौक से हरिणकोल जाने वाली नहर पथ सड़क की स्थिति इन दिनों काफी जर्जर हो चुकी है। बता दें कि लगभग साढ़े चार किलोमीटर लंबी यह सड़क वर्षों से मरम्मत के अभाव में बड़े-बड़े गड्डों में तब्दील हो गई है। जिससे आम लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह मार्ग आधा दर्जन से अधिक गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है, लेकिन वर्तमान में इसकी जर्जर हालत के कारण बड़े वाहनों का परिचालन लगभग ठप पड़ गया है। बाइक सवार और पैदल यात्रियों को भी जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क की परत पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग से सन्हौली, दूधकोल, नयाचक, रंगाईचक, अमरपुर, धुनियाबंध एवं पीपल जोरिया सहित कई गांवों के लोग बाजार बाराहाट एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आते-जाते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण छात्रों को स्कूल-कॉलेज पहुंचने में कठिनाई होती है। वहीं मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस का समय पर पहुंच पाना लगभग असंभव हो जाता है, जिससे जान का जोखिम बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग को मौखिक एवं लिखित रूप से शिकायत की गई। लेकिन अब तक इस दिसा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। सड़क की बदहाल स्थिति से क्षेत्र के व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वाहन चालकों ने इस मार्ग से गुजरने से परहेज करना शुरू कर दिया है। अमरपुर पंचायत के पूर्व मुखिया अशोक कुमार महतो सहित अन्य ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक सह पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह से जनहित को ध्यान में रखते हुए अविलंब सड़क की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारंभ कराने की मांग की है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे, ताकि ग्रामीणों को आवागमन की मूलभूत सुविधा उपलब्ध हो सके।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्रिय विधायक सह मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पूर्व में सड़क निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी, ताकि जर्जर सड़कों की मरम्मत की जा सके। लेकिन संबंधित संवेदक के मनमानी के कारण सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।



