
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। 18 अप्रैल 2026 को जिले में लोकेश मिश्रा ने गोड्डा के 57वें उपायुक्त के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी लोकेश मिश्रा ने पद संभालते हुए जिले के विकास और प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर निवर्तमान उपायुक्त अंजलि यादव ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। पदभार हस्तांतरण के दौरान दोनों अधिकारियों के बीच प्रशासनिक विषयों पर संक्षिप्त चर्चा भी हुई। नए उपायुक्त के आगमन से जिले में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, जिलेवासियों की निगाहें अब नये उपायुक्त लोकेश मिश्रा पर टिकी है, जिनसे बेहतर प्रशासन और जनहित में प्रभावी कार्यों की अपेक्षा की जा रही है। नए उपायुक्त का एसपी मुकेश कुमार की ओर से भी फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया।
हर माह अब हो सकेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस
इधर, जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों ने उम्मीद जताई है कि नये उपायुक्त की ओर से हर माह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संवाद किया जाएगा। पुराने उपायुक्त के कार्यकाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गरिमा को बरकरार नहीं रखा गया था। जिस कारण जिले के पत्रकारों ने दो बैठक कर इस मामले को पटल पर लाने का काम किया।
बालू के माफियाओं के खेल को खत्म करने का करेंगे प्रयास..!
दूसरी और सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों ने नए उपयुक्त से जिले में चल रहे बालू के माफियाओं के खेल को खत्म करने के लिए नए उपायुक्त प्रयास करेंगे, ऐसी उम्मीद जिले के बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जिले के जनप्रतिनिधियों के अनुसार, जिले के बालू घाटों के बंदोबस्ती की फाइल कहीं अटकी पड़ी है। इस वजह से तमाम बालू घाटों से अवैध बालू का उठाव कर माफियाओं के अलावा कुर्सी पर आसीन सिस्टम के लोग चांदी काट रहे हैं।
सभी विभागों के पदाधिकारी के कार्यशैली में भी होगा सुधार
गोड्डा जिले में बुद्धिजीवियों का एक बहुत बड़ा प्लेटफार्म है। इन बुद्धिजीवियों के जिले के व्यवस्था में बेहतर करने में हमेशा भागीदारी रहती है। पुराने समय में इसी जिले के तमाम विभागों के पदाधिकारी के कार्यशैली से बुद्धिजीवी एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों के साथ-साथ पत्रकारगण भी नाराज रहे हैं। उन विभागों के पदाधिकारी के कार्यशैली को भी दुरुस्त करने की नई उपायुक्त से उम्मीद लगा रखी है।
जिला जनसंपर्क के कार्यशाली में भी बदलाव की उम्मीद
दूसरी ओर डीसी और जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के समिचिन पत्रकारों के बीच जिला जनसंपर्क कार्यालय कोऑर्डिनेशन के रूप में कार्य करता है। लेकिन पिछले डीसी के कार्यकाल में जिला जनसंपर्क के कार्यालय के कार्यशैली बद से बद्तर हो गई। इस वजह से डीसी और पत्रकारों के बीच दूरी भी हुई। उपरोक्त बातों की जानकारी पत्रकारों की ओर से देते हुए बताया गया कि जिला जनसंपर्क के कार्यालय में छोटे-छोटे कर्मियों का कार्य करने एवं सूचना प्रेषण करने में मनमानी रवैया रहता है। यहां के पदाधिकारी के अतिरिक्त प्रभार एवं व्यस्तता के कारण स्थिति बेहतर नहीं हो पाती है। इसमें भी नए उपयुक्त के द्वारा संज्ञान लेकर सुधार करने की उम्मीद पत्रकारों ने की है।



