शामली

खेत में अवशेष जलाने से लगी आग

12 बीघा फसल, 30 बीघा भूसा और सैकड़ों पेड़ राख

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।

चौसाना क्षेत्र के जिजौला गांव में खेतों में पराली जलाने की लापरवाही भारी पड़ गई। तेज हवा के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे कई किसानों की फसल, भूसा और सैकड़ों पेड़ जलकर राख हो गए।
जानकारी के अनुसार, जिजौला निवासी जाहिद ने दो दिन पहले अपनी लगभग 20 बीघा गेहूंकी फसल काटी थी। शुक्रवार दोपहर खेत खाली करने के लिए अवशेषों को जलाया जा रहा था। इसी दौरान तेज हवा चलने से आग की चिंगारियां आसपास के खेतों तक फैल गईं और देखते ही देखते आग ने बड़ा क्षेत्र अपनी चपेट में ले लिया।
इस आग की चपेट में आकर चौसाना निवासी आशु की 12 बीघा खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह जल गई। वहीं, जिजौला निवासी हाजी इरशाद के लगभग 30 बीघा भूसे के ढेर भी राख हो गए। इसके अतिरिक्त, खेतों में लगे सैकड़ों यूकेलिप्टस और पॉपलर के पेड़ भी आग में जलकर नष्ट हो गए।
आग बुझाने के लिए किसानों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कड़ी मशक्कत की। ट्रैक्टर, हैरो और टिलर जैसे कृषि उपकरणों का उपयोग कर खेतों को जोतकर आग को आगे बढ़ने से रोका गया। कई घंटों के अथक प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन किसानों ने आरोप लगाया कि दमकल विभाग की टीम सूचना केबावजूद समय पर नहीं पहुंची, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
इस लापरवाही से हुए हादसे के बाद जाहिद ने आशु को 80 हजार रुपये का मुआवजा दिया। बताया गया कि आशु ने यह खेत ठेके पर लिया था। वहीं, हाजी इरशाद ने मानवता का परिचय देते हुए किसी भी प्रकार का मुआवजा लेने से इनकार कर दिया।
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