
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
ललितपुर। सरकार आपके द्वार ग्राम संतृप्तिकरण अभियान के तहत शनिवार को झांसी मण्डल आयुक्त बिमल कुमार दुबे ने विकास खण्ड तालबेहट की ग्राम पंचायत गेवरा- गुन्देरा का भ्रमण कर विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पंचायत में हुए कार्यों को केन्द्र व प्रदेश सरकार की नीतियों का सशक्त उदाहरण बताते हुए अन्य ग्राम पंचायतों को भी इसी मॉडल पर विकास कार्य कराने के निर्देश दिए। मण्डलायुक्त ने ग्राम में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं तथा विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सचिवालय भवन, अटल भूजल एवं मनरेगा योजना से निर्मित अमृत सरोवर, बोट क्लब एवं सोलर आटा चक्की का निरीक्षण कर सराहना की। साथ ही वातानुकूलित सर्व सुविधायुक्त सचिवालय भवन के विभिन्न पटलों का अवलोकन कर कार्यप्रणाली की समीक्षा भी की। स्थलीय निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त ने मजरा धुवैरा में सामुदायिक भवन, डिजिटल लाइब्रेरी, जिले के पहले वातानुकूलित मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र, पेवर ब्रिक्स एवं मनरेगा से निर्मित बाउंड्रीवाल का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा हैं और इन्हें व्यापक स्तर पर लागू किया जाना चाहिए। मण्डलायुक्त ने मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र में महिलाओं की गोदभराई कराई और छोटे बच्चों का अन्नप्राशन कराया। साथ ही बच्चों को ड्रेस, जूते और स्कूल बैग वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने वृक्षारोपण भी किया। उन्होंने ग्राम पंचायत में महिलाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि 15 में से 10 महिला सदस्यों के नेतृत्व में हुए विकास कार्य नारी शक्ति की क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने अन्य ग्राम प्रधानों व पंचायत सदस्यों को यहां का भ्रमण कर इसी तर्ज पर विकास कार्य करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित विवाह घर में आयोजित चौपाल में मण्डलायुक्त ने विभिन्न विभागों की योजनाओं, लाभार्थियों एवं उनके आच्छादन की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं के लाभ का फीडबैक भी लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ हर हाल में पहुंचे। इस दौरान जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक मो.मुश्ताक, सीडीओ शेषनाथ चौहान, डीसी मनरेगा रमेश कुमार यादव, बीडीओ सौरभ बर्नवाल, प्रोबेशन अधिकारी नन्दलाल सिंह, डीपीओ नीरज सिंह, ग्राम निर्माण समिति अध्यक्ष मिनी, सचिव पंकज सोनी सहित सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, जल निगम व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मण्डलायुक्त ने कहा कि यदि गांव में सहयोग और सकारात्मक नेतृत्व हो तो विकास की तस्वीर बदली जा सकती है और गेवरागुन्देरा इसका जीवंत उदाहरण है।



