पाकुड़

ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए बत्तख पालन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित

One day training camp on duck farming organized to increase the income of villagers

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़ वन प्रमण्डल के तत्वावधान में रविवार को प्रखण्ड हिरणपुर के पंचायत बरमसिया अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय दुलमीडांगा में ग्रामीणों और किसानों के लिए “एक दिवसीय बत्तख पालन प्रशिक्षण शिविर” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ते हुए उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में चयनित लाभुकों को LEADS देवघर के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। वन प्रमण्डल पदाधिकारी, पाकुड़ ने बताया कि बत्तख पालन कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला व्यवसाय है, जिसे वैज्ञानिक पद्धति से अपनाकर ग्रामीण अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु
शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने लाभुकों को बत्तख पालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी, जिसमें शामिल हैं:
उन्नत नस्लों का चयन: अधिक अंडा उत्पादन और तेजी से वृद्धि करने वाली नस्लों की पहचान
आवास एवं आहार प्रबंधन: कम लागत में शेड निर्माण और संतुलित खान-पान की व्यवस्था
रोग प्रबंधन: सामान्य बीमारियों की पहचान, रोकथाम और समय पर टीकाकरण का महत्व
विपणन के गुर: अंडे और मांस को बाजार में उचित मूल्य पर बेचने के तरीके
तकनीकी जानकारी साझा
मुख्य प्रशिक्षक ने बताया कि बत्तखों में मुर्गियों की तुलना में अधिक रोग-प्रतिरोधक क्षमता होती है और इन्हें पालना अपेक्षाकृत आसान है। ग्रामीण अपने घर के आसपास या छोटे जल स्रोतों के पास भी इस व्यवसाय को सफलतापूर्वक शुरू कर सकते हैं।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर लगभग 100 चयनित लाभुक महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में पाकुड़ वन प्रमण्डल के कर्मचारी और ग्राम प्रधान, दुलमीडांगा भी मौजूद रहे। प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित किया गया। यह पहल न केवल ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि स्वरोजगार को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।

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