
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेहरमा। मेहरमा प्रखंड मुख्यालय से करीब एक किमी दूर शंकरपुर गांव स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय में मीड डे मील की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बच्चों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन नहीं दिया जा रहा है। जब मीडिया की टीम विद्यालय पहुंची तो मीड डे मील में परोसी जा रही सब्जी में पानी की मात्रा अधिक और सब्जी की मात्रा कम दिखाई दिया। जिसे मीडिया कर्मियों ने कैमरे में कैद कर लिया। बच्चों का कहना था कि उन्हें मिलने वाला भोजन न तो संतुलित होता है और न ही पर्याप्त मात्रा में दिया जाता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मिड डे मील योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, लेकिन विद्यालय में इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने कहा कि यदि विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता इसी तरह रही तो इसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई पर पड़ेगा। उन्होंने संबंधित विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, मामले को लेकर जब विद्यालय के एचएम से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए टालमटोल किया। इससे ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी देखी गई। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।




