गाजियाबाद

निर्माणाधीन दिल्ली-सहारनपुर मार्ग ने बढ़ाई मुश्किलें

अव्यवस्थाओं से जाम और धूल बनी परेशानी का सबब 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लंबे समय से बदहाल स्थिति में पड़े दिल्ली-सहारनपुर मार्ग का निर्माण कार्य इन दिनों लगातार जारी है, लेकिन निर्माण एजेंसी और नगर पालिका की अव्यवस्थित कार्यप्रणाली ने आम नागरिकों व वाहन चालकों की परेशानियां कम करने के बजाय और बढ़ा दिया हैं। इस मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान अपनाई जा रही अनियोजित व्यवस्था के कारण मार्ग पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है, जबकि उड़ती धूल और गंदगी से राहगीरों का सफर दूभर हो गया है।
दिल्ली को सीधे जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। सुबह से देर रात तक यहां भारी यातायात रहता है, लेकिन निर्माण कार्य के चलते वाहन चालकों को लंबी दूरी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मिनटों का सफर तय करने में लोगों को आधा घंटा से लेकर कई क ई घंटों तक लग जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा अलग-अलग स्थानों पर अधूरा कार्य छोड़कर दूसरे हिस्सों में निर्माण कार्य  शुरू कर दिया जाता है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। निर्माण कार्य की धीमी गति भी लोगों में नाराजगी का कारण बनी हुई है। वहीं नगर पालिका की ओर से नियमित सफाई और पानी के छिड़काव की समुचित व्यवस्था नहीं किए जाने से सड़क पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं।
दैनिक यात्रियों की बढ़ी परेशानी
इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग दिल्ली और लोनी के बीच आवागमन करते हैं। ट्रोनिका सिटी और रूपनगर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को भी जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। दिल्ली के स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को समय पर पहुंचने के लिए काफी पहले घर से निकलना पड़ता है, बावजूद इसके कई बार उन्हें देरी का सामना करना पड़ता है।
आपातकालीन सेवाओं पर भी इसका असर देखा जा रहा है। आग लगने जैसी घटनाओं में फायर ब्रिगेड और मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस को जाम के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ये हैं जाम के प्रमुख कारण
सड़क किनारे ऑटो चालकों द्वारा अव्यवस्थित तरीके से वाहन खड़े करना
बस चालकों का बीच सड़क पर वाहन रोककर सवारी उतारना-बिठाना
बिना लाइसेंस और यातायात नियमों की जानकारी के वाहन चलाना
डिवाइडर पार करने की अनियमित प्रवृत्ति
सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण और रेहड़ी-पटरी
ट्रैफिक व्यवस्था में लापरवाही
प्रतिबंधित और भारी वाहनों की दिन में आवाजाही
निर्माण कार्य के दौरान वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था न होना
सड़क पर उड़ती धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव न किया जाना
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि समस्या से पूरी तरह अवगत होने के बावजूद स्थिति सुधारने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था दुरुस्त कर राहत दिलाने की मांग की है।
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