
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी क्षेत्र के खरखड़ी रेलवे अंडरब्रिज के पास शनिवार सुबह गनोली गांव निवासी ओमकार को गोली मारकर बदमाशो द्वारा अपने साथ ले जाने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि 20 मई को ओमकार के बेटे देवांश के साथ हुई घटना में पुलिस समय रहते मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करती, तो आज यह घटना नहीं होती।
देवांश पुत्र ओमकार ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया था कि 20 मई को जब वह जिम जाने के लिए घर से निकला, तभी कोतवालपुर मोड़ के पास एक सफेद रंग की उत्तराखंड नंबर प्लेट लगी कार ने उसे रोक लिया। आरोप है कि कार में सवार सौरभ, भोला, गोपाल, मोहित समेत कुछ अन्य अज्ञात लोगों ने अवैध हथियारों के बल पर उस पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। देवांश ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई थी।
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी भी ली और थाना प्रभारी लोनी को लिखित शिकायत भी सौंपी गई, लेकिन दस दिन बीतने के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही का परिणाम आज ओमकार के साथ हुई घटना के रूप में सामने आया है।
घटना को लेकर फिलहाल अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग ओमकार को गोली मारकर बदमाशों द्वारा साथ ले जाने की बात कह रहे हैं, जबकि कुछ इसे अपहरण बता रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि जब तक ओमकार या घटना में शामिल आरोपी नहीं मिल जाते, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने चिरोडी-रटौल मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर लोनी, अंकुर विहार और लोनी बॉर्डर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले के खुलासे के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। वहीं ग्रामीण अभी भी मौके के आसपास डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जल्द खुलासा नहीं होने पर दोबारा सड़क जाम किया जा सकता है। पुलिस ने अब 20 मई की घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया है


