गाजियाबाद

मुख्यमंत्री की नसीहत के बीच ‘रील वाले एसडीएम लोनी’ चर्चा में

पचायरा खनन कार्रवाई से ज्यादा वायरल वीडियो पर सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी (गाजियाबाद)।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में लखनऊ के लोकभवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान रील बनाने तथा सोशल मीडिया पर अनावश्यक प्रचार से बचने की नसीहत दी थी। मुख्यमंत्री की इस स्पष्ट चेतावनी के बाद भी गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एक प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है।
मामला लोनी क्षेत्र के पचायरा गांव स्थित यमुना खादर में अवैध खनन के खिलाफ की गई प्रशासनिक कार्रवाई का है। जानकारी के अनुसार उपजिलाधिकारी (एसडीएम) लोनी दीपक सिघनवाल ने राजस्व एवं पुलिस टीम के साथ संयुक्त छापेमारी कर अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासनिक टीम को मौके पर आता देख खनन कार्य में लगे  लोग मौके से फरार हो गए। प्रशासन ने मौके से एक लोडर और ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर जब्त कर लिया।
हालांकि कार्रवाई के बाद अवैध खनन की बजाय जिस बात ने सबसे ज्यादा ध्यान  अपनी ओर खींचा, वह था एसडीएम लोनी का स्वयं जब्त लोडर चलाकर ले जाने का वीडियो। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और देखते ही देखते विभिन्न प्लेटफॉर्म पर चर्चा का विषय बन गया।
स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई का उद्देश्य कानून का पालन सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि ऐसी तस्वीरें या वीडियो सामने आएं जिनसे कार्रवाई से अधिक उसका प्रदर्शन चर्चा में आ जाए। कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जब्त वाहन को ले जाने के लिए विभागीय कर्मचारी या अधिकृत चालक की व्यवस्था की जा सकती थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि लोनी यमुना खादर में अवैध खनन कोई नया विषय नहीं है और लंबे समय से इस पर शिकायतें उठती रही हैं। अवैध खनन को लेकर एक मामला एन जी टी कोर्ट में भी चल रहा है ऐसे में लोगों का मानना है कि केवल वाहन जब्त करने जैसी कार्रवाई अवैध रेत का कारोबार करने वाले लोगों के लिए पर्याप्त नहीं है, बल्कि खनन माफियाओं के नेटवर्क पर लगातार और प्रभावी प्रहार होना आवश्यक है ताकि अवैध खनन पर स्थायी रुप से रोक लगाई जा सके।
खनन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया नसीहत के बाद वायरल हुए इस वीडियो ने प्रशासनिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या अवैध खनन के खिलाफ की गई कार्रवाई अपनी प्रभावशीलता के लिए याद रखी जाएगी, या फिर सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘लोडर वाली रील’ ही पूरे अभियान की पहचान बनकर रह जाएगी। फिलहाल पचायरा की कार्रवाई से ज्यादा चर्चा उसी वीडियो की हो रही है, जिसने प्रशासनिक कार्यशैली को बहस के केंद्र में ला खड़ा किया
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