कैराना
भाई की हत्या ने बदल दी जिंदगी की दिशा, मैकेनिक से बना पश्चिमी यूपी का कुख्यात अपराधी
कभी पुलिस की वर्दी पहनने का देखता था सपना, बदले की आग में उतर गया अपराध की दुनिया में; अंततः पुलिस मुठभेड़ में हुआ ढेर
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। एक समय बाइक मैकेनिक का काम करने वाला और पुलिस में भर्ती होकर वर्दी पहनने का सपना देखने वाला फुरकान आखिरकार अपराध की ऐसी दुनिया में उतर गया, जहां से उसकी वापसी नहीं हो सकी।वर्ष 2003 में बड़े भाई अशरफ की हत्या के बाद उसकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया कि वह धीरे-धीरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधियों में गिना जाने लगा। वर्षों तक हत्या, रंगदारी, गैंगस्टर और मादक पदार्थ तस्करी जैसे मामलों में उसका नाम सामने आता रहा और अंततः उसका सफर पुलिस मुठभेड़ में समाप्त हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, फुरकान वर्ष 2002 के आसपास बाइक मैकेनिक का काम करता था। उसे दौड़ने का भी शौक था और वह अपने दोस्तों के साथ नियमित अभ्यास करता था। बताया जाता है कि उसकी इच्छा पुलिस में भर्ती होकर नौकरी करने की थी। लेकिन अगले ही वर्ष उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
बताया जाता है कि वर्ष 2003 में प्रॉपर्टी विवाद के चलते उसके बड़े भाई अशरफ की हत्या कर दी गई। इस घटना ने फुरकान की जिंदगी की दिशा बदल दी। परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, भाई की हत्या का गहरा असर उस पर पड़ा और धीरे-धीरे उसका झुकाव अपराध की ओर हो गया। इसके बाद उसका नाम विभिन्न आपराधिक मामलों में सामने आने लगा और वह पुलिस की निगरानी में रहने लगा। समय के साथ फुरकान पर हत्या,रंगदारी, गैंगस्टर और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हुए। वर्ष 2014 में कैराना के व्यापारी विनोद कुमार सिंघल की हत्या के मामले ने उसे प्रदेशभर में चर्चित कर दिया। इसके बाद वह कई बार गिरफ्तार हुआ, जेल गया और विभिन्न मामलों में कानून का सामना करता रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से वह अपने घर के बाहर किराना दुकान संचालित कर रहा था। घर और दुकान के आसपास कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और वह अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहता था। उसके घर आने-जाने वालों पर भी नजर रखी जाती थी।हालांकि, लंबे समय तक कानून से बचने की कोशिश करने वाला फुरकान आखिरकार पुलिस के शिकंजे से नहीं बच सका। झिंझाना क्षेत्र के गांव खानपुर कलां रंगाना के जंगल में हुई पुलिस मुठभेड़ में उसका अंत हो गया। उसके मारे जाने के बाद एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई कि यदि हालात अलग होते, तो शायद उसकी जिंदगी की कहानी भी कुछ और होती। लेकिन बदले की भावना और अपराध के रास्ते ने उसे उस मुकाम तक पहुंचा दिया, जहां अंत केवल मौत या जेल ही माना जाता है।
