
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर : उपखण्ड भुसावर सहित ग्रामीण अंचल में आज गुरुवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी व्रत के पावन अवसर पर चार शुभ योग में श्रद्धा और भक्ति का अनुठा संगम के साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मीजी की अराधना के साथ जरुरतमंदों को दान पुण्य करते हुए मनाई गई। जहां कस्बे के ऐतिहासिक कोठी वाले हनुमानजी मन्दिर, हूंकारेश्वर महादेव मन्दिर, दाऊजी महाराज मन्दिर, लक्ष्मीनारायण मन्दिर, चतुर्भुजजी मन्दिर, राधाकृष्ण युगल किशोर जी मन्दिर, भगतराज वाले हनुमानजी मन्दिर आदि सहित दर्जनों मन्दिरों में आज विशेष सजावट करते हुए शुभ मुहुर्त में रवि, सिद्ध, शिव योग संयोग में भगवान विष्णु सहित माता लक्ष्मीजी की पूजा, पाठ, मन्त्र और जाप कर जरुरतमंदों को दान पुण्य करते हुए ठाकुर जी को श्रद्वालुओं ने श्रद्धा और सेवा भाव से जल से भरे मटके, पंखा ( बिजनी), छाता, फल, वस्त्र और मिठाई अर्पित किए।वहीं भक्ति का माहौल उस समय चरम पर पहुंच गया जब मन्दिरों में भक्तों द्वारा ढोलक, झांझ, मजीरा की थाप पर सत्संग, कीर्तन और हरि सहस्त्र नाम पाठ का जाप किया गया। वहीं विद्वान पण्डित पुष्पेंन्द्र मिश्र, राघवेन्द्र शर्मा, रोहित जति ने निर्जला एकादशी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हिन्दू धर्म में एकादशी तिथी का विशेष महत्व होता है, हर एक माह में दो एकादशी होती है। सनातन परम्परा में निर्जला एकादशी को व्रतों में सबसे कठिन, लेकिन फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन बिना जल ग्रहण किए भगवान विष्णु जी की आराधना करने से सभी 24 एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। वहीं निर्जला एकादशी को भीम एकादशी भी कहा जाता है।



