
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : सावन की बारिश के बीच लोनी क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव और बदहाल सड़कों को लेकर हिंदू रक्षा दल के मंत्री अमित प्रजापति ने जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सवाल किए हैं। उन्होंने शुक्रवार को जलभराव प्रभावित क्षेत्रों जलभराव के पानी में उतरकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों से उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि लोनी में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के कराएं जाने के दावों के बावजूद बारिश के बाद लोनी शहर की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
अमित प्रजापति ने कहा कि लोनी के कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से लोगों का आवागमन प्रभावित है। कई स्थानों पर निर्माण कार्य चलने के कारण परेशानी बढ़ी है, जबकि जिन क्षेत्रों में कोई निर्माण कार्य नहीं हो रहा है, वहां भी जलनिकासी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्गों पर पानी जमा होने से स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने डाक कांवड़ यात्रा को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि सावन में बड़ी संख्या में शिवभक्त लोनी से होकर आवागमन करते हैं। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर जलभराव और अव्यवस्थाओं का जल्द समाधान किया जाना आवश्यक है, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांगा जवाब
अमित प्रजापति ने जलभराव की समस्या को लेकर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावे किए जा रहे हैं तो बारिश के दौरान जलनिकासी की समस्या बार-बार क्यों सामने आ रही है।
उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण लोगों के दैनिक कामकाज पर असर पड़ रहा है। व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और सड़क पर आवागमन भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से जलभराव वाले क्षेत्रों में शीध्र जलनिकासी कराने तथा कांवड़ मार्गों को सुचारु रखने की मांग की।
चुनाव में काम के आधार पर निर्णय लेने की अपील
अमित प्रजापति ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर लोनी के मतदाताओं से जागरूक होकर निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता को चुनावी वादों के बजाय धरातल पर हुए विकास कार्यों का हिसाब मांगना चाहिए। सड़क, जलनिकासी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने लोगों से जाति और अन्य भावनात्मक मुद्दों से ऊपर उठकर काम करने वाले प्रत्याशी का चयन करने तथा क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से उठाने वाले व्यक्ति को प्राथमिकता देने की अपील की।


