भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूंजा शहर, अधिवक्ताओं ने दिया राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश
गाजियाबाद बार एसोसिएशन की पांचवीं विशाल तिरंगा यात्रा में उमड़ा देशभक्ति का सैलाब, सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ शहीद स्थल पहुंचे अधिवक्ता

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
गाजियाबाद। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गाजियाबाद बार एसोसिएशन के सदस्यों ने पांचवीं विशाल तिरंगा यात्रा निकालकर शहर में राष्ट्रप्रेम, एकता और अखंडता का संदेश दिया। हाथों में तिरंगा और जुबां पर ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ के नारों के साथ निकली यात्रा ने पूरे शहर के माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
तिरंगा यात्रा का शुभारंभ कचहरी परिसर से हुआ। यात्रा में सैकड़ों कारों और दुपहिया वाहनों का काफिला शामिल रहा। महिला एवं पुरुष अधिवक्ता हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर देशभक्ति के गीतों की धुन पर उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। जैसे-जैसे यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, वैसे-वैसे भारत माता के जयकारों और वंदे मातरम के नारों से वातावरण गूंजता रहा।
काफिला हापुड़ मोड़, घंटाघर और नवयुग मार्केट सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होता हुआ शहीद स्थल पहुंचा। यात्रा में शामिल अधिवक्ताओं के हाथों में लहराता तिरंगा और देशभक्ति से ओत-प्रोत नारों ने राहगीरों और स्थानीय लोगों में भी उत्साह का संचार किया। कई स्थानों पर लोगों ने तिरंगा यात्रा का स्वागत किया।
तिरंगा यात्रा का नेतृत्व बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ब्रह्मदेव त्यागी एवं वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने किया। शहीद स्थल पहुंचने के बाद अधिवक्ताओं ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को नमन किया और उनके बलिदान को याद किया।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि तिरंगा देश की आन-बान-शान के साथ-साथ हमारी राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निकाली गई तिरंगा यात्रा का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी और समाज के प्रत्येक वर्ग में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करना तथा देश की एकता और अखंडता का संदेश देना भी है।
यात्रा में सहसचिव प्रशासन पद की उम्मीदवार बबीता तोमर, राजकुमार, सुशील डेनियल, अर्चना त्यागी, पंकजा, बबीता डागर, लक्ष्मी, खुशनुमा खान, शबनम, वरुण त्यागी, ओमेश्वर त्यागी, बिजेंद्र शर्मा, ललित शर्मा, कुलश्रेष्ठ, राजीव गुर्जर, गोगिया, मनमोहन शर्मा, संजीव त्यागी चौहान सहित सैकड़ों अधिवक्ताओं** ने भाग लिया।
पूरी यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ के नारों की गूंज सुनाई देती रही। देशभक्ति के गीतों के बीच तिरंगे के साथ आगे बढ़ता अधिवक्ताओं का विशाल काफिला शहर में आकर्षण का केंद्र बना रहा। यात्रा ने लोगों को यह संदेश दिया कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
तिरंगा यात्रा के समापन पर अधिवक्ताओं ने देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए राष्ट्रहित में सदैव एकजुट रहने का संकल्प लिया।



