
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। शहर के भातडिया स्थित नवभव्य टाउन हॉल, जिसे आम लोगों के सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, इन दिनों रखरखाव को लेकर चर्चा में है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस सार्वजनिक भवन की मौजूदा स्थिति को लेकर शहर के लोगों में चिंता देखी जा रही है। टाउन हॉल किसी भी शहर की पहचान और सार्वजनिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। यहां स्कूल-कॉलेज के कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन, सामाजिक बैठकें और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। गोड्डा का पुराना टाउन हॉल गांधी मैदान के समीप हुआ करता था, जिसकी शहरवासियों से जुड़ी कई यादें हैं। बाद में आधुनिक सुविधाओं से लैस नए टाउन हॉल का निर्माण भातडिया में दुर्गा मंदिर के समीप कराया गया। हाल के दिनों में टाउन हॉल की देखरेख और सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर समाजसेवी सुमन कुमार दास (एसकेडी एंटरप्राइजेज) की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहर में जनता के पैसे से तैयार इतना बड़ा और सुविधायुक्त टाउन हॉल मौजूद है, तो सार्वजनिक आयोजनों में इसका प्राथमिकता के आधार पर उपयोग और बेहतर रखरखाव क्यों नहीं सुनिश्चित किया जा रहा है। मामले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से भी संज्ञान लेते हुए यह स्पष्ट किया गया कि सार्वजनिक परिसंपत्तियों का संचालन निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है तथा उनके पारदर्शी प्रबंधन, बेहतर रखरखाव और राजस्व सुरक्षा को लेकर प्रशासन प्रतिबद्ध है। वहीं, दूसरी ओर स्थानीय लोगों की चिंता टाउन हॉल की जमीनी स्थिति को लेकर है। लोगों के अनुसार हाल के कुछ आयोजनों के बाद परिसर की साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत को लेकर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। भवन के अंदर कुछ स्थानों पर सीलिंग से पानी टपकने, पंखों और अन्य विद्युत उपकरणों के बंद रहने, एलईडी स्क्रीन पर धूल जमने तथा दीवारों और लकड़ी के सजावटी हिस्सों में दीमक लगने की शिकायतें सामने आ रही हैं। भवन के बाहरी हिस्सों और छज्जों से सीमेंट व गिट्टी गिरने की बात भी कही जा रही है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में भवन की स्थिति और खराब होने के साथ-साथ सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।यह मुद्दा किसी व्यक्ति या विभाग पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि जनता के पैसे से तैयार सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण का है। गोड्डा की जनता चाहती है कि इस महत्वपूर्ण भवन का समय-समय पर भौतिक निरीक्षण हो और जहां भी मरम्मत अथवा रखरखाव की जरूरत है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों की जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग है कि टाउन हॉल की स्थिति का शीघ्र निरीक्षण कराया जाए। सीलिंग की मरम्मत, साफ-सफाई, दीमक नियंत्रण, बिजली के उपकरणों की जांच और भवन के बाहरी हिस्सों की आवश्यक मरम्मत कराकर इसे पूरी तरह व्यवस्थित किया जाए। ताकि गोड्डा का यह भव्य टाउन हॉल अपनी गरिमा बरकरार रखते हुए आम जनता, विद्यार्थियों, कलाकारों और सामाजिक संगठनों के लिए एक बेहतर सार्वजनिक मंच के रूप में लगातार उपयोगी बना रहे।जनता के पैसे से बनी संपत्ति जनता के काम आए और सुरक्षित रहे—यही इस खबर का उद्देश्य है। प्रशासन इस मामले में शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करे, यही शहरवासियों की उम्मीद है।



