मेरठ

नाम में तिलक की राष्ट्रभक्ति, ‘संतोष’ में आस्था; मेरठ के नए कप्तान के सख्त तेवर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

मेरठ। मेरठ के नवनियुक्त एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति शहर में कार्यभार संभालने पहुंचे तो उनका धोती-कुर्ता वाला अंदाज चर्चा में रहा। लेकिन उनके नाम की कहानी सामने आई तो यह चर्चा और दिलचस्प हो गई। उनके नाम में जहां बाल गंगाधर तिलक से जुड़ी राष्ट्रवादी प्रेरणा है, वहीं ‘संतोष’ में उनकी मां की आस्था की झलक मिलती है। दूसरी ओर, मेरठ की कमान संभालते ही उनके सख्त तेवर अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पष्ट संदेश दे रहे हैं।

2015 बैच के आईपीएस अधिकारी बीबीजीटीएस मूर्ति मूलरूप से तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के रहने वाले हैं। कार्यभार संभालते ही उन्होंने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए साफ किया कि अपराध और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी देकर उन्होंने पुलिस महकमे को भी सख्त संदेश दिया है।

पिता ने तिलक से प्रेरित होकर जोड़ा नाम, मां ने ‘संतोष’

एसएसपी मूर्ति ने अपने पूरे नाम की कहानी साझा करते हुए बताया कि उनका पूरा नाम बाथल्ला बाल गंगाधर तिलक संतोष मूर्ति है। इसी नाम के शुरुआती अक्षरों से बीबीजीटीएस बना है, जबकि बाथल्ला उनका सरनेम है।

उनके पिता बी. ईश्वरय्या स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक से प्रभावित थे। इसी प्रेरणा से उन्होंने बेटे के नाम में ‘बाल गंगाधर तिलक’ जोड़ा। वहीं उनकी मां बी. विजया कुमारी संतोषी माता में आस्था रखती थीं और उन्होंने बेटे के नाम में ‘संतोष’ शब्द शामिल किया। इस तरह उनके नाम में पिता की राष्ट्रवादी सोच, मां की आस्था और परिवार के कुलनाम का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

अपराध, भ्रष्टाचार और साइबर क्राइम पर सख्ती

मेरठ की कमान संभालते हुए एसएसपी ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के साथ भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा। उन्होंने शहर को जाम और अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा बढ़ते साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने की प्रतिबद्धता भी जताई।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने का संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही हर पीड़ित को न्याय दिलाना और महिला सुरक्षा उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

हैदराबाद से मेरठ तक आईपीएस मूर्ति का सफर

आईपीएस बीबीजीटीएस मूर्ति ने कंप्यूटर साइंस में बीटेक और मार्केटिंग में एमबीए किया है। भारतीय पुलिस सेवा में आने के बाद उन्होंने गाजियाबाद में एएसपी ट्रेनी के रूप में करियर की शुरुआत की। इसके बाद वह कानपुर देहात के एसपी, फिर कासगंज के एसपी रहे। इसके बाद उन्हें झांसी का एसएसपी बनाया गया। अब सरकार ने उन्हें मेरठ जैसे महत्वपूर्ण जिले की कमान सौंपी है।

मेरठ में नई जिम्मेदारी के साथ मूर्ति के सामने अपराध नियंत्रण, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, महिला सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण और साइबर अपराध जैसी कई बड़ी चुनौतियां हैं। नाम की कहानी ने उन्हें चर्चा में ला दिया है, अब उनकी कार्यशैली तय करेगी कि मेरठ में उनकी सख्ती का असर जमीन पर कितना दिखाई देता है।

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