बेतुल
बैतूल चिखलीमाल में विकास के दावों की खुली पोल
सड़क नहीं, एंबुलेंस की पहुंच नहीं; नाली-बिजली के लिए भी तरस रहे ग्रामीण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। घोड़ाडोंगरी तहसील के ग्राम चिखलीमाल, मोरनढाना और कालीमाटी में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली ने विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में सड़क की हालत ऐसी है कि बारिश में रास्ता कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाता है, वहीं ग्रामीणों के अनुसार सड़क की बदहाली के कारण एंबुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पाती। मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में भारी परेशानी होती है। दूसरी ओर नाली के अभाव में घरों का गंदा पानी रास्तों पर जमा है और बिजली की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से रात में पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है।
– पूर्व विधायक सहित जनप्रतिनिधियों ने सौंपा ज्ञापन
समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग को लेकर पूर्व विधायक धरमू सिंह सिरसाम, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष हर्षवर्धन धोटे, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र कवड़े और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष ज्ञानसिंह परते ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से चिखलीमाल, मोरनढाना और कालीमाटी की सड़क एवं बिजली व्यवस्था की तत्काल जांच कराकर आवश्यक कार्य कराने की मांग की। ग्रामीणों ने भी स्पष्ट किया कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का अब स्थायी समाधान किया जाए, ताकि उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव का मुख्य रास्ता लंबे समय से बदहाल है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ सड़क के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क खराब होने से आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को अस्पताल ले जाने में काफी दिक्कत होती है। प्रसव के दौरान महिलाओं को भी जोखिम उठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। ग्रामीणों ने ऐसी परिस्थितियों में मरीजों की रास्ते में मौत होने का भी दावा किया है।
– नाली नहीं, रास्ते पर बह रहा गंदा पानी
सड़क के साथ गांव में नाली व्यवस्था का भी अभाव है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी रास्तों पर जमा रहता है। इससे कीचड़ और गंदगी के साथ मच्छरों तथा जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।
– बिजली के लिए दूर से खींचे तार, लो-वोल्टेज से परेशानी
ग्रामीण बिजली की समस्या से भी परेशान हैं। उनका कहना है कि गांव में पर्याप्त और स्थायी विद्युत व्यवस्था नहीं है। कुछ घरों तक दूर से तार खींचकर बिजली पहुंचाई जा रही है, जिससे लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। तार टूटने और शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बना रहता है। रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव की समस्याओं की तत्काल जांच कराकर पक्की सड़क, व्यवस्थित नाली तथा नए बिजली पोल और सुरक्षित केबल लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि अब आश्वासन नहीं, मौके पर काम शुरू होने का इंतजार है।




