अपराध नियंत्रण को लेकर एसपी अनुदीप सिंह ने दिए सख्त निर्देश, त्यौहारों पर विशेष सतर्कता के आदेश
SP Anudeep Singh issues strict directives regarding crime control; orders special vigilance during festivals.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह (भा.पु.से.) की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में अगस्त माह की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पाकुड़, सभी पुलिस निरीक्षक प्रभाग, थाना एवं ओपी प्रभारी, विभिन्न शाखाओं के प्रभारी, अपर लोक अभियोजक पाकुड़ तथा जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अवैध खनन एवं मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई सहित आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर पुलिस पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। एसपी ने सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को श्री गणेश चतुर्थी पर्व-2026 के मूर्ति विसर्जन तथा आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने के साथ जिले के सभी संवेदनशील स्थलों पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। बैठक में POCSO Act से संबंधित मामलों का निर्धारित समयावधि में निष्पादन सुनिश्चित करने तथा IT Act और NDPS Act से जुड़े लंबित मामलों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। साथ ही लंबित वारंट एवं कुर्की के मामलों के निष्पादन के लिए 50 प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित किया गया। अगस्त माह में दर्ज एवं निष्पादित कांडों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले में कुल 94 कांड प्रतिवेदित हुए, जबकि इस अवधि में 124 कांडों का निष्पादन किया गया। लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी थाना, ओपी एवं यातायात प्रभारियों को जिला परिवहन पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। एसपी ने कहा कि जांच अभियान के दौरान हेलमेट, सीट बेल्ट, वाहन का रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। साथ ही ड्रंक एंड ड्राइव के विरुद्ध अभियान चलाकर मोटर वाहन अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सड़क दुर्घटना से संबंधित मामलों की प्रविष्टि e-DAR में सुनिश्चित करने के लिए अनुसंधानकर्ताओं को भी निर्देशित किया गया। विगत पांच वर्षों में संपत्ति संबंधी अपराधों में सक्रिय अथवा सिद्धदोष अपराधकर्मियों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए उनके नाम सीसीए, निगरानी पंजी एवं गुंडा पंजी में दर्ज कराने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश थाना एवं ओपी प्रभारियों को दिया गया। वहीं चोरी, लूट, डकैती एवं गृहभेदन जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए थाना क्षेत्रों में नियमित गश्ती और सघन जांच अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। एसपी ने सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि थाने में आने वाले शिकायतकर्ताओं, विशेषकर महिलाओं को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उनकी समस्याओं को शालीनतापूर्वक सुनते हुए कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सड़क सुरक्षा, डायल-112, साइबर अपराध, मानव तस्करी, नशामुक्ति, महिला अत्याचार, डायन प्रथा, बाल विवाह तथा समाज में व्याप्त अन्य कुरीतियों के दुष्प्रभावों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक माह स्कूल, कॉलेज, हाट-बाजार एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। महिला थाना प्रभारी को विशेष रूप से प्रत्येक सप्ताह स्कूल एवं कॉलेजों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया। सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को लंबित चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन एवं परिवाद पत्रों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। एसपी ने अवैध पत्थर, कोयला एवं बालू के उत्खनन और परिवहन के खिलाफ जिला खनन टास्क फोर्स के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। इसके अलावा जिले में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए लगातार छापेमारी और विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को दिया गया। बैठक में एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों से अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम लोगों के प्रति संवेदनशील एवं जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।



