पाकुड़

पाकुड़ के शहरकोल- इशाकपुर रेलगेट बाइपास की मांग तेज, रिंग रोड की परिकल्पना को मिल सकता है नया आयाम

Demand intensifies for the Shaharkol-Ishakpur rail gate bypass in Pakur; the ring road concept could gain new momentum.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। पाकुड़-हिरणपुर मुख्य मार्ग से शहरकोल पंचायत भवन के समीप होते हुए गोकुलपुर प्रधान टोला, पुलिस लाइन के उत्तर दिशा, बालियाडांगा और चापाडांगा मुख्य सड़क से पाकुड़ रेलखंड के इशाकपुर रेलगेट तक उच्चस्तरीय टू-लेन बाइपास सड़क निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रस्तावित सड़क बनने से शहर के आसपास के ग्रामीण इलाकों की पाकुड़ मुख्यालय से कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ-साथ आवागमन की दूरी भी कम हो सकती है। जानकारी के अनुसार, पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने भी इस सड़क निर्माण की सम्भावनाओं को लेकर करीब तीन वर्ष पूर्व मुख्य अभियंता (चीफ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) के साथ प्रस्तावित मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया था। हालांकि, वर्तमान में शहरकोल से दुर्गापुर-पियादापुर तक बाइपास सड़क का निर्माण कार्य जारी है, जबकि शहरकोल-पुलिस लाइन- चापाडांगा- इशाकपुर रेलगेट प्रस्तावित बाइपास सड़क को लेकर अभी तक ठोस प्रगति सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रस्तावित बाइपास सड़क के निर्माण से दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से पाकुड़ मुख्यालय तक आवागमन अधिक सुगम हो सकता है। इससे विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों से कृषि उत्पादों को प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने में भी परिवहन व्यवस्था बेहतर होने की संभावना जताई जा रही है। लोगों के मुताबिक, वैकल्पिक मार्ग विकसित होने से पाकुड़ शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने और जाम की समस्या को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है। सड़क निर्माण के दौरान और इसके बाद परिवहन, व्यापार तथा अन्य स्थानीय गतिविधियों के विस्तार से रोजगार के अवसर बढ़ने की सम्भावना भी स्थानीय स्तर पर व्यक्त की जा रही है।
रिंग रोड की परिकल्पना को मिल सकता है आधार
क्षेत्रवासियों के अनुसार, यदि शहरकोल-इशाकपुर रेलगेट बाइपास सड़क का निर्माण होता है और इसे पाकुड़-हिरणपुर मुख्य मार्ग तथा शहरकोल- दुर्गापुर-पियादापुर बाइपास से जोड़ा जाता है, तो पाकुड़ शहर के चारों ओर एक रिंग रोड जैसी वैकल्पिक यातायात व्यवस्था विकसित की जा सकती है। इससे शहर के भीतर अनावश्यक भारी वाहनों के प्रवेश को कम करने और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सम्पर्क बेहतर करने में मदद मिलने की सम्भावना है। लोगों का कहना है कि ऐसी सड़क व्यवस्था विकसित होने पर शहर के साथ-साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को गति मिल सकती है। विशेष रूप से व्यापार, परिवहन और पत्थर उद्योग से जुड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने से मुख्य सड़कों पर यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्रस्तावित सड़क की आवश्यकता और व्यवहार्यता का आकलन कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सम्बन्धित विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण, तकनीकी सर्वे, भूमि संबंधी स्थिति के आकलन तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में पहल की जानी चाहिए।
तनवीर आलम बोले- प्रस्ताव को धरातल पर उतारने के लिए प्रयास जारी
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सह- पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता तनवीर आलम ने कहा कि प्रस्तावित महत्वपूर्ण सड़क निर्माण योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व विकास मंत्री आलमगीर आलम की बेहतर कनेक्टिविटी की सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में पहल जारी है। तनवीर आलम के अनुसार, सड़क बनने से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी और छोटे-बड़े व्यवसायों के साथ पत्थर कारोबार से जुड़े परिवहन को भी वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा। इससे मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सड़क परियोजना के आगे बढ़ने से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को भी गति मिल सकती है। वही झारखण्ड विधानसभा आम निर्वाचन में सर्वाधिक मतों से विजयी घोषित हुए पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक निशात आलम ने पहली बार मीडिया से मुखातिब होते ही उन्होंने पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की अधूरे सपनों/ कार्यों को पूरा करने की बातें साझा की थी।

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