बाराबंकी
बाराबंकी की सियासत से दिल्ली तक फिर बढ़ा प्रियंका रावत का कद

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बाराबंकी। भाजपा ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की सूची में बाराबंकी की पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत का नाम शामिल होने के बाद जिले की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वर्ष 2014 में महज 28 वर्ष की उम्र में लोकसभा पहुंचने वाली प्रियंका रावत अब उच्च सदन की ओर बढ़ती नजर आ रही हैं।
28 साल की उम्र में रचा था इतिहास
प्रियंका सिंह रावत ने 2014 के लोकसभा चुनाव में बाराबंकी सीट से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। कम उम्र में सांसद बनने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बाराबंकी से उपेंद्र सिंह रावत को मैदान में उतारा, जिसके बाद प्रियंका रावत संसद से बाहर रहीं।
संसद से बाहर, लेकिन संगठन में लगातार सक्रिय
लोकसभा चुनाव के बाद प्रियंका रावत ने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने के बजाय संगठन में अपनी भूमिका मजबूत की। भाजपा में उन्हें प्रदेश स्तर पर लगातार जिम्मेदारियां मिलती रहीं। प्रदेश महामंत्री के बाद जून 2026 में उन्हें भाजपा की नई प्रदेश टीम में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
अब उच्च सदन की तैयारी
राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में नाम आने के बाद प्रियंका रावत का राजनीतिक सफर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। राजनीति विज्ञान में एमए और मास कम्युनिकेशन एंड इलेक्ट्रॉनिक जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी प्रियंका को भाजपा के युवा महिला और दलित चेहरों में प्रमुख माना जाता है।
2027 से पहले सियासी संदेश
राज्यसभा के लिए उनका चयन केवल एक राजनीतिक वापसी के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे संगठन में सक्रिय नेताओं को आगे बढ़ाने की भाजपा की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रियंका रावत को उच्च सदन के लिए मैदान में उतारने से भाजपा ने महिला, युवा और दलित प्रतिनिधित्व को लेकर भी सियासी संदेश देने की कोशिश की है।
बाराबंकी से लोकसभा की पहली पारी के बाद अब राज्यसभा की संभावित पारी—प्रियंका रावत का राजनीतिक सफर एक बार फिर जिले की सियासत के केंद्र में आ गया है।



