बरेली से ZVC की मांग, वाराणसी की पुश्तैनी जमींदारी पर कब्जे का आरोप

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। गरीब शक्ति दल के पदाधिकारियों ने सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि 1950 में जमींदारी उन्मूलन के बाद जमींदारों की जमीनों पर बिल्डरों और भूमाफियाओं ने अवैध कब्जा कर लिया, ZA & LR Act की धारा 229B (अब 144) अवैध कब्जे का जरिया बन गई।
नेता मनोज विकट ने कहा कि उनके पूर्वज बाबू जगदंबा प्रसाद (क्वींस कॉलेज वाराणसी) 11 गांवों में जमींदार थे, जिनमें मौजा सिकरौल, पियरी, आदमपुर में मालिकाना हक खतौनी 1880-1913 में दर्ज है। गाटा 837/2 मौजा सिकरौल पर 1985 में फर्जी बैनामे का आरोप लगाया, जो कोर्ट से 1998 में निरस्त होने के बाद भी कब्जा जारी है।
संगठन ने देश में 5.19 करोड़ भूमि मुकदमे लंबित होने का हवाला देते हुए ZVC (जमींदारी सत्यापन आयोग) के गठन, 229B रद्द करने और वंशजों को मुआवजा देने की मांग की।
इस दौरान मौजूद रहे मनोज सक्सेना (विकट), गिरीश चंद्र सक्सेना, विकास माथुर एडवोकेट, संजीव सागर, गगनभान जैन, संजीव सक्सेना, रेनू जौहरी, सुधा सक्सेना, चमेली देवी, कमलेश, अंजू आदि।



