बागपत

संघर्ष से सिद्धि तक: प्रिंसिपल योगेंद्र कुमार वर्मा से खास बातचीत।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बागपत। बड़ौत के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जैन इंटर कॉलेज बड़ौत में वर्षों तक गणित के क्षेत्र में अपनी गहरी पकड़ और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व से छात्रों के प्रिय बने रहे प्रिंसिपल योगेंद्र कुमार वर्मा आज शिक्षा जगत में एक प्रेरणास्रोत बन चुके हैं।
26 अक्टूबर 1989 को उन्होंने इसी संस्थान में एक शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं प्रारंभ कीं और 1 अप्रैल 2025 को उन्हें पदोन्नति देकर प्रिंसिपल पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसी अवसर पर उनसे हुई एक विशेष बातचीत के प्रमुख अंश—
 प्रश्न (सुरेंद्र मलानिया): सर, आपकी यात्रा एक गणित शिक्षक से प्रिंसिपल बनने तक की कैसी रही?
उत्तर (योगेंद्र कुमार वर्मा):
यह यात्रा मेरे लिए केवल पद की नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों की रही है। जब मैंने 1989 में जैन इंटर कॉलेज में कदम रखा, तब मेरा लक्ष्य सिर्फ छात्रों को गणित समझाना था। लेकिन समय के साथ मैंने महसूस किया कि शिक्षक केवल विषय नहीं पढ़ाता, बल्कि जीवन के मूल्यों को भी गढ़ता है। आज प्रिंसिपल बनने के बाद जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि पूरे संस्थान को एक परिवार की तरह आगे बढ़ाया जाए।
 प्रश्न: गणित जैसे कठिन विषय को सरल बनाने का आपका क्या तरीका रहा?
उत्तर:
मैं हमेशा मानता हूँ कि गणित कठिन नहीं होता, उसे कठिन बना दिया जाता है। अगर शिक्षक धैर्य और उदाहरणों के साथ पढ़ाए, तो हर छात्र गणित को समझ सकता है। मैंने हमेशा बच्चों को रटने के बजाय समझने पर जोर दिया।
 प्रश्न: प्रिंसिपल बनने के बाद आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं?
उत्तर:
मेरी पहली प्राथमिकता शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है। इसके साथ ही अनुशासन, नैतिक शिक्षा और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देना भी जरूरी है। मैं चाहता हूँ कि हमारे छात्र न केवल पढ़ाई में बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ें।
 प्रश्न: आज के युवाओं के लिए आपका संदेश?
उत्तर:
आज के युवा बहुत प्रतिभाशाली हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा की जरूरत है। मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी—ये तीन चीजें अगर जीवन में अपना ली जाएं, तो सफलता निश्चित है।
 प्रश्न (सुरेंद्र मलानिया): आपकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान किसका रहा?
उत्तर:
मेरे परिवार, मेरे सहयोगी शिक्षकों और मेरे विद्यार्थियों का। छात्रों से ही मुझे हर दिन कुछ नया सीखने को मिला और वही मेरी सबसे बड़ी ताकत बने।
 सुरेंद्र मलानिया का वक्तव्य
“प्रिंसिपल योगेंद्र कुमार वर्मा न केवल एक उत्कृष्ट शिक्षक हैं, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक भी हैं जो शिक्षा को मिशन मानकर कार्य करते हैं। उनकी सादगी, अनुशासन और समर्पण निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।”
यह साक्षात्कार न केवल एक शिक्षक की सफलता की कहानी है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि सच्ची लगन और निरंतर मेहनत से कोई भी व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है।
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