गाजियाबाद
तपती धरती, ठंडी व्यवस्था,गर्मी से कम, बिजली कटौती से ज्यादा बेहाल लोनी”
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी में जैसे-जैसे सूर्य देव का पारा चढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों का गुस्सा भी उबलने लगा है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने जहां जनजीवन को पहले ही अस्त-व्यस्त कर रखा है, वहीं बिजली विभाग की “ठंडी” कार्यप्रणाली ने हालात को और भी “गरमा” दिया है। लोनी क्षेत्र में बार-बार होने वाली बिजली कटौती मानो लोगों की सहनशक्ति की परीक्षा लेने पर आमादा है।
दिन में सूरज आग उगल रहा है और रात में उमस लोगों की नींद उड़ा रही है, लेकिन बिजली है कि आंख-मिचौली खेलने से बाज नहीं आ रही। कभी ट्रिपिंग, कभी लंबे पावर कट ऐसा लग रहा है मानो बिजली विभाग भी गर्मी की छुट्टियों पर चला गया हो। नतीजा यह है कि लोग न दिन में चैन पा रहे हैं, न रात में आराम।
गर्मी का आलम यह है कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। बाजारों में भी ग्राहकों की कमी साफ नजर आ रही है। ऊपर से बिजली की अनियमित आपूर्ति ने पेयजल संकट को भी गहरा दिया है। इन्वर्टर जवाब दे चुके हैं और छोटे बच्चों, बुजुर्गों व बीमारों की हालत सबसे ज्यादा खराब है।
व्यापारियों का कहना है कि बिजली कटौती ने उनके कारोबार की कमर तोड़ दी है। ग्राहक कम और परेशानी ज्यादा हो गई है। स्थानीय पार्षद अंकुश जैन, रूपेन्द्र चौधरी और रामनिवास त्रिपाठी, दयाराम बंसल का कहना है कि इस भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति कोई “सुविधा” नहीं, बल्कि बुनियादी जरूरत है। उनके पास लगातार लोगों की शिकायतें आ रही हैं, लेकिन समाधान अभी भी “लाइन में” है।
वहीं एसडीओ का तर्क भी कम दिलचस्प नहीं है। उनका कहना है कि ज्यादा गर्मी के कारण लाइनों में फॉल्ट हो जाते हैं और जंपर जल जाते हैं, जिन्हें तुरंत ठीक कर दिया जाता है। सवाल यह है कि जब हर साल गर्मी आती है, तो तैयारियां क्यों नहीं आतीं?
डॉक्टरी सलाह (थोड़ा व्यंग्य, थोड़ी राहत):
डॉक्टर संजय पांचाल ने गर्मी से बचने के लिए कुछ जरूरी सलाह दी है—दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर न निकलें (वैसे भी बिजली नहीं है, तो घर में ही “स्टीम बाथ” का आनंद लें), खूब पानी और तरल पदार्थ लें, हल्के कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय सिर ढकें।
ओआरएस, नींबू पानी, नारियल पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थ फायदेमंद हैं। साथ ही तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फल खाने की सलाह दी गई है।
अगर चक्कर आए, सिरदर्द हो या बुखार महसूस हो, तो तुरंत छांव में बैठें, ठंडा पानी पिएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें—क्योंकि गर्मी और बिजली कटौती की इस “डबल मार” में सेहत का ध्यान रखना ही सबसे बड़ी समझदारी है।


