संभल

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत वाटरशेड विकास कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

संभल/बहजोई : जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल, एवं पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ,की अध्यक्षता में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा संचालित वाटरशेड विकास घटक, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उप कृषि निदेशक एवं प्रभारी भूमि संरक्षण अधिकारी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वाटरशेड विकास घटक के अंतर्गत जनपद की गुन्नौर एवं पवांसा इकाइयों में विभिन्न विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों में तालाबों का निर्माण एवं पुनर्जीवन, चेक डैम निर्माण, कंटूर बंडिंग, पेरिफेरल बंडिंग एवं अन्य मृदा एवं जल संरक्षण संबंधी गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना क्षेत्र के किसानों को फसल उत्पादन बढ़ाने हेतु उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक एवं सूक्ष्म कीटनाशक भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने ग्रामीण स्तर पर वाटरशेड समितियों के गठन एवं उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना के उद्देश्यों, प्रगति एवं अब तक किए गए कार्यों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही मानसून के दौरान इन संरचनाओं की उपयोगिता एवं तालाबों में जल उपलब्धता की स्थिति की भी समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत निर्मित तालाबों, चेक डैमों एवं अन्य संरचनाओं का फोटोग्राफिक अभिलेखीकरण (फोटो प्रलेखन) कराया जाए तथा कार्य पूर्ण होने के उपरांत संबंधित ग्रामों में समितियों का गठन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मानसून प्रारंभ होने से पूर्व सभी चेक डैमों एवं अन्य संरचनाओं का निरीक्षण, परीक्षण एवं सत्यापन कराया जाए, जिससे उनका अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कृषि उपनिदेशक को कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले किसानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। मोती की खेती की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
जनपद की वर्धमान नदी एवं महिष्मती नदी के पुनरुद्धार कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग राजीव कुमार ने नदियों के पुनरुद्धार संबंधी प्रस्तावित एवं संचालित कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
जिलाधिकारी ने गंगा तटवर्ती गांवों में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु किसानों को उनकी जोत के आधार पर वर्गीकृत करने तथा इस संबंध में शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, कृषि उपनिदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग राजीव कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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