
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
गाजियाबाद : जिला मुख्यालय के बाहर पत्रकारों द्वारा जारी अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। लगातार चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी की तबीयत खराब होने की खबर सामने आई है। धरना स्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार बदलते मौसम, मानसिक दबाव और कई दिनों से जारी आंदोलन का असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ा है।
धरने में शामिल पत्रकारों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। आंदोलनकारियों के मुताबिक फर्जी मुकदमों की जांच और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन लगातार जनसमर्थन हासिल कर रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है।
धरना स्थल पर मौजूद पत्रकारों, समाजसेवियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मामले का जल्द, निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि समय रहते सकारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए ताकि स्थिति और अधिक गंभीर न हो।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि भविष्य में कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसके कारणों और परिस्थितियों की निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए तथा जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
धरने में शामिल लोगों का कहना है कि उनका आंदोलन स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के समर्थन में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई होने तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
धरना स्थल पर शनिवार को भी बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने संवाद, संवेदनशीलता और सकारात्मक पहल के जरिए विवाद के समाधान पर जोर दिया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

