झुंझुनू
भक्तमाल कथा में दूसरे दिन सुनाया नाभाजी और संत महिमा का प्रसंग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं चंवरा। कस्बे के किशोरपुरा सीमा पर मोरिंडा में स्थित पलटू दास अखाड़े के पंचमुखी बालाजी मंदिर में चल रही भक्तमाल कथा में दूसरे दिन अगरदेवाचार्य महाराज के शिष्य नाभाजी और संत महिमा का वर्णन किया गया। कथावाचक रामस्वरूप दास महाराज ने कहा कि भगवान से बढ़कर भक्तों की महिमा है। भगवान स्वयं अपने भक्तों की कथा सुनना चाहते हैं और भक्तों के प्रेम में बंधे रहते हैं। जो साधक संतों की शरण में रहकर उनके चरित्रों का श्रवण कर मनन करता है उसे भगवान अपनी गोद में स्थान देते हैं। उन्होंने बताया कि द्वापर युग में नाभाजी का जन्म हुआ जिसमे बताया कि ब्रह्माजी भगवान कृष्ण का अवतार लेकर आए जो स्वयं ही गौ माता बने तथा स्वयं ही बछड़ा और ग्वाल-पाल बने। भगवान संतों के रूप में जन्म लेते हैं तथा भक्तों को भक्ति का रास्ता दिखाकर भवसागर से पार उतरते हैं। बीच-बीच में भजनों की रंगारंग प्रस्तुतियों से श्रोता झूम उठे। इस दौरान धाम के महंत रघुनाथ दास महाराज, मंदिर कमेटी अध्यक्ष गजराज सिंह शेखावत, सचिव सुरेश मीणा किशोरपुरा, शीशराम रावत, गिरदावर जगदीश प्रसाद शर्मा, इंद्र सिंह शेखावत, नत्थूराम सैनी, समाजसेवी शंभू दयाल सैनी, सांवरमल खटाणा, संदीप मीणा, रामवेद पौंख, शंकर भोपा, पप्पू चावड़ा, सांवरमल मीणा, राधेश्याम कुमावत, नेम कंवर, विमला देवी, तारा देवी, सुमित्रा देवी, भगवती देवी, सावित्री देवी, सोनी देवी, पूजा देवी, मनभरी देवी सहित काफी संख्या में भक्ति श्रद्धालु मौजूद रहे।



