
नई दिल्ली। राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक विवाद के बीच टेलीग्राम पर प्रतिबंध को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई करने के बजाय छात्रों को निशाना बना रही है, इसे ‘चोर को पकड़ने के बजाय पीड़ित के दरवाजे पर ताला लगाने’ जैसा बताया। गांधी ने कहा कि लाखों छात्र टेलीग्राम पर पढ़ाई करते हैं और इस सुविधा को छीनना समस्या का समाधान नहीं है।
Ñकांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को ठएएळ-वॠ पेपर लीक की चिंताओं के बीच टेलीग्राम पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई करने के बजाय छात्रों को निशाना बना रही है। यह कदम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ठळअ) द्वारा मंगलवार को भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर एक तय और सीमित समय के लिए रोक लगाने के बाद उठाया गया है। यह रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी, जिसमें ठएएळ (वॠ) 2026 की दोबारा परीक्षा का दिन और उसके ठीक बाद का समय भी शामिल है।
पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा कि टेलीग्राम पर बैन- पेपर लीक रोकने के लिए मोदी सरकार का नया हथकंडा। यानी, चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के दरवाजे पर ही ताला लगा दो। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लाखों छात्र सालों से टेलीग्राम पर पढ़ाई कर रहे हैं और पेपर लीक की समस्या का समाधान इस सुविधा को छीनना नहीं है। पोस्ट में लिखा था कि लाखों छात्र सालों से टेलीग्राम पर पढ़ाई कर रहे हैं – नोट्स, टेस्ट सीरीज, चर्चा और तैयारी। तो फिर, उस सुविधा को छीनना पेपर लीक का समाधान कैसे हो सकता है?
ऐसे कदमों की असरदारता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने लिखा कि और यह तरीका पूरी तरह सुरक्षित भी नहीं है – देश का हर छात्र यह बात जानता है, और पेपर लीक करने वाला माफिया भी। तो, अगला बैन किस पर लगेगा? व्हाट्सएप पर? परीक्षा के दिन की व्यवस्थाओं पर तंज कसते हुए गांधी ने कहा कि परीक्षा के दिन छात्रों की तलाशी ली जाएगी। कैंची से जेबें काटी जाएंगी। प्रश्न पत्र एयर फोर्स के जरिए भेजे जाएंगे। ड्रामेबाजी की कोई कमी नहीं होगी। लेकिन समस्या की जड़ पर कोई प्रहार नहीं होगा – क्योंकि पेपर लीक माफिया इसी सरकार की नाक के नीचे फल-फूल रहा है और युवाओं को खून के आँसू रुला रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि मोदी जी – ड्रामेबाजी छोड़िए। माफिया पर प्रहार कीजिए, छात्रों पर नहीं। ‘छात्रों की आवाज’ सुनिए – वरना देश के युवा जानते हैं कि अपने हक के लिए कैसे लड़ना है। यह बयान तब आया है जब केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अनुरोध पर टेलीग्राम को ब्लॉक करने का आदेश दिया। एनटीए ने आरोप लगाया था कि संगठित नकल गिरोह इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को गुमराह करने और उनके साथ धोखाधड़ी करने के लिए कर रहे थे।



