
4 जुलाई तक मांगे सुझाव, प्रस्तावित मतदेय स्थलों की सूची दलों को सौंपी
एक सप्ताह तक दर्ज होंगी आपत्तियां
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत जनपद के 226-ललितपुर एवं 227-महरौनी विधानसभा क्षेत्रों में मतदेय स्थलों के सम्भाजन एवं समायोजन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों के सम्भाजन एवं प्रस्तावित मतदेय स्थलों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दोनों विधानसभा क्षेत्रों के मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन पूर्ण कर लिया गया है। इसके आधार पर तैयार की गई प्रस्तावित मतदेय स्थलों की सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई गई, जिस पर बिंदुवार चर्चा की गई। जिला प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे सूची का परीक्षण कर यदि किसी प्रकार का संशोधन अथवा सुझाव देना चाहते हैं तो 4 जुलाई 2026 तक संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को लिखित रूप में उपलब्ध कराएं। अधिकारियों ने बताया कि आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जुलाई को प्रस्तावित मतदेय स्थलों की सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद राजनीतिक दलों एवं आम नागरिकों को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक साक्ष्यों के साथ अपनी आपत्तियां एवं सुझाव जिला निर्वाचन कार्यालय अथवा संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। बैठक में आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष हरदयाल सिंह लोधी, बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष जानकी प्रसाद बौद्ध, कांग्रेस के प्रतिनिधि जसपाल सिंह एवं जिला अध्यक्ष डॉ. दयाराम रजक, समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष नेपाल सिंह यादव सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में ललितपुर विधानसभा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं उप जिलाधिकारी मनीष कुमार, महरौनी विधानसभा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं उप जिलाधिकारी रजनीश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के प्रतिनिधि कोमल सिंह नरवरिया, जिला निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ सहायक जावेद खान तथा बृजेन्द्र कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजनीतिक दलों एवं आमजन से प्राप्त होने वाले सभी सुझावों और आपत्तियों का स्थलीय सत्यापन कर उनका गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप मतदेय स्थलों का पुनर्गठन पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से किया जा सके।



