संभल

सड़कों पर बेसहारा एवं अनाथ महिलाओं व बच्चों के लिए वरदान बनी जिला प्रशासन की मानवीय

मुहिम; उच्च न्यायालय के आदेशों का शत्-प्रतिशत अनुपालन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

सम्भल। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा जनहित याचिका संख्या 571/2024 (ज्योति राजपूत बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य)में पारित आदेशों के शत् प्रतिशत अनुपालन के क्रम में जनपद सम्भल में एक विशेष मानवीय अभियान की शुरुआत की गई है। जिलाधिकारी सम्भल अंकित खंडेलवाल के कुशल निर्देशन एवं मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी अवधेश कुमार के प्रभावी मार्गदर्शन में जिला रेस्क्यू टास्क फोर्स द्वारा सड़कों चौराहों, धार्मिक स्थलों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अत्यंत दयनीय स्थिति में रह रहे बेसहारा अनाथ महिलाओं तथा बच्चों की पहचान और सुरक्षा हेतु सघन रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे वंचित निराश्रित महिलाओं एवं बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पुनर्वासितकराते हुए समाज की मुख्य धारा से जोड़ना है। अभियान के अंतर्गत जिला रेस्क्यू टास्क फोर्स चाइल्ड हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर की संयुक्त टीमों द्वारा विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर रेस्क्यू ड्राइव चलाई जा रही है। इस मानवीय पहल के माध्यम से सड़कों पर जीवन यापन करने को मजबूर बच्चों और बेसहारा महिलाओं को सुरक्षित वातावरण एवं आवश्यक विधिक व चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है अभियान की मुख्य विशेषताएं एवं प्रमुख गतिविधियां उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देशों के अनुक्रम में बेसहारा एवं अनाथ महिलाओं व बच्चों के पुनर्वास हेतु जनपद स्तर पर त्वरित कार्रवाई जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल एवं मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट द्वारा रेस्क्यू टास्क फोर्स की गतिविधियों की नियमित समीक्षा एवं स्थलीय अनुश्रवण चिन्हित की गई महिलाओं को काउंसलिंग हेतु राजकीय महिला शरणालयों आश्रय गृहों में सुरक्षित भेजने की व्यवस्था भटके हुए एवं गुमशुदा बच्चों को रेस्क्यू कर विधिक प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए उनके परिजनों को सकुशल सौंपने का कार्य चाइल्ड हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर की संयुक्त टीमों द्वारा 24×7 निगरानी और संवेदनशीलता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन का संचालन जिला प्रशासन द्वारा जनसामान्य से भी यह अपील की गई है कि यदि उन्हें जनपद में कहीं भी कोई बेसहारा अनाथ गुमशुदा बच्चा या महिला विषम परिस्थितियों में मिले तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन अथवा संबंधित हेल्पलाइन नंबरों 181 अथवा 1098 पर दें, ताकि समय रहते उन्हें आवश्यक संरक्षण और नया जीवन दिया जा सके।

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