
सचिव सुमित यादव के साथ मिल कर ग्राम निधि के कार्यो में बड़े पैमाने पर किया गड़बड़झाला
सीएम योगी के श्जीरो टॉलरेंसश् पर संकट के बादल, शिकायत के बावजूद कार्रवाई शून्य
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
उरई (जालौन)। भ्रष्टाचार उन्मूलन को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बीच जालौन जनपद के माधौगढ़ विकास खंड के ग्राम पंचायत मढ़ोरी से एक चैंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां मनरेगा योजना को महज कागजी कार्रवाई तक सीमित करके भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया है। ग्राम प्रधान नीरज कुमार पर आरोप है कि उन्होंने न सिर्फ खुद के खाते में बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों के खातों में भी लाखों रुपये की अवैध निकासी कराई। खास बात यह है कि नाम बदल-बदलकर भुगतान किए गए और ग्रामीणों की शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्राम पंचायत मढ़ोरी में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की जांच में बड़ी अनियमितताएं सामने आईं। ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा को सिर्फ जेब भरने तक सीमित कर दिया गया है। असली मजदूर रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं, जबकि प्रधान अपने परिजनों के नाम पर मजदूरी हड़प रहे हैं। शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद प्रधान पुत्र, पत्नी, भाइयों और खुद के खातों में भुगतान करा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि आधे अधूरे कार्य किए ही अलग-अलग मदों में लाखों की निकासी कर ली गई।
ग्राम पंचायत मडोरी में राजू के खेत से देवेंद्र तोमर के खेत तक (नाला सफाई) 98,784,बंबा से राजू के खेत तक चकबंद निर्माण 3,50,280,पुलिया से राजू के खेत तक चकबंद 2,99,124,बंबा से हृदरुक की ओर चकबंद 1,98,828,मेन रोड से पप्पू के खेत तक नाला सफाई 3,64,644,बंबी से गांव की ओर गुल खुदाई 1,23,984 ़ 79,884,सूर्यभान के खेत से लालू के खेत तक चकबंद 2,10,924,माताप्रसाद के खेत से बंबा तक चकबंद 2,82,996,रोड से कढ़ोर के खेत तक चकबंद 3,70,465बंबा से अमित के खेत तक चकबंद 2,93,177पुलिया से रायपुरा तक चकबंद 3,68,172धर्म के खेत से कल्लू दूध वाले के खेत तक चकबंद 3,08,700रोड से दुबरा तक चकबंद 3,53,556रोड से उदयवीर के खेत तक चकबंद 6,28,740 रोड से मरघट तक चकबंद 1,02,312 रैपुरा पुलिया से बंबा तक 2,48,976
धीरज के खेत से ओमेश के खेत तक चकबंद (सहित अन्य) कार्य है इनमें तमाम कार्यों की खानापूर्ति कर सचिव एवं प्रधान ने भुगतान निकाल लिया।मौके पर आधे अधूरे कार्य ही मौजूद , बस कागजों में दिखा दिए गए सब। अधिकारी मौके पर जाकर भी गुमराह कर रहे हैं। ग्राम निधि खाते से ग्राम प्रधान नीरज कुमार के निजी खाते में फर्जीवाड़ा करके भुगतान किया गया। सचिव सुमित यादव से साठ गांठ कर प्रधान के खाते में नाली निर्माण,विज्ञापन हेतु,सफाई कार्य हेतु,आरआरसी सेंटर निर्माण,गौशाला में तार फिटिंग,चरनी निर्माण,गौपालक मानदेय, अपने खाते में डाल लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि चहेते जॉब कार्ड धारकों के खाते में पैसा डालकर बंदरबांट की जाती है। असली मजदूर को रोजगार नहीं, बल्कि धोखा मिल रहा है।
ग्रामीण कई बार ब्लॉक और जिला स्तर पर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। खंड विकास अधिकारी से लेकर जिलाधिकारी तक को मामले से अवगत कराया गया, मगर कार्रवाई नाम की कोई चीज नहीं हुई।स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एक सप्ताह के भीतर प्रधान और ग्राम सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें निलंबित नहीं किया गया, तो माधौगढ़ ब्लॉक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय में औपचारिक शिकायत भेजी जाएगी।सीएम योगी लगातार कह रहे हैं कि भ्रष्टाचारी बख्शे नहीं जाएंगे, लेकिन माधौगढ़ ब्लॉक के इस मामले में प्रशासनिक मौन इस नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों में रोष है कि जब खुद सचिव व ग्राम प्रधान ही सिस्टम को लूट रहा है, तो फिर निचले स्तर पर श्जीरो टॉलरेंसश् लागू कैसे होगा?


