धनबाद

फर्जी दस्तावेजों के सहारे कीमती जमीनों को हड़पने का बड़ा मानला धनबाद एक पक्ष में इस संदर्भ में प्रेस वार्ता आयोजित की

 प्रेस वार्ता के दौरान दूसरे पक्ष ने पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार मोबाइल एवं माइक फेंकने का पयास किया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
धनबाद। धनबाद जिले में फर्जी दस्तावेजों के सहारे कीमती जमीनों को हड़पने का एक बड़ा मामला सामने आया है। कतरास बाजार निवासी रितिक पटवा ने धनबाद के उपायुक्त-सह-जिला निबंधक को आवेदन देकर भू-माफियाओं, तत्कालीन पार्षद और अवर निबंधन अधिकारी की साठगांठ से हुई करोड़ों की जमीन के अवैध निबंधन की शिकायत की है और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग उठाई है। मामले को लेकर रैयत के दर्जनों वंशजों ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन कर पूरे मामले की विस्तार से जानकारी दी। प्रेस वार्ता कर रहे रितिक पटवा एवं अन्य ने बताया कि बाघमारा अंचल के मौजा-कतरास (खाता सं.- 30, प्लॉट सं.- 330 में रकबा- 15.5 डिसमिल) की पैतृक भूमि पर तीन भाइयों जगत तारण पटवा, सत्यनारायण पटवा एवं स्व सनातन पटवा की पत्नी मधुमालती देव्या एवं उसके वंशजों का बराबर बराबर हक है और इसका सरकारी पंजी-2 में संयुक्त नाम दर्ज है। लेकिन विक्रेता मधु मालती देव्या ने वार्ड संख्या 3 के तत्कालीन पार्षद विनायक कुमार गुप्ता के साथ साजिश रचकर एक पूरी तरह फर्जी वंशावली तैयार करवाई। इस फर्जी वंशावली में ससुर को परदादा ससुर दर्शाया गया और अन्य जीवित वारिसों को मृत या अस्तित्वहीन साबित कर खुद को इकलौता वारिस घोषित कर दिया गया।
बिना अमीन के घर में बनाया ‘जाली नक्शा’
इतना ही नहीं, रजिस्ट्री के दौरान डीड के साथ जो चौहद्दी का नक्शा संलग्न किया गया, उस पर किसी भी अधिकृत अमीन के हस्ताक्षर या नाम दर्ज नहीं हैं। आरोप है कि यह जाली एवं कूट रचित नक्शा घर पर ही बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के तैयार किया गया और इसी फर्जी नक्शे को आधार बनाकर डीड संख्या-1963 के जरिए पूरी 15.5 डिसमिल जमीन क्रेता कुमार विनय, हिमांशु कुमार और मो० नबी हुसैन के नाम अवैध रूप से बेच दी गई।
अवर निबंधन अधिकारी पर भी उठे सवाल, म्यूटेशन रद्द
मामले में अवर निबंधन अधिकारी श्री रामेश्वर प्रसाद सिंह की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। ऑनलाइन पंजी-2 में अन्य हिस्सेदारों के नाम दर्ज होने और नक्शे पर अमीन के हस्ताक्षर न होने के बावजूद नियमों को ताक पर रखकर यह अवैध रजिस्ट्री अंजाम दी गई। हालांकि, मामले में जालसाजी का खुलासा होने पर बाघमारा अंचल कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दाखिल-खारिज (Mutation Case No. 3040/2025-2026) को खारिज/रद्द कर दिया है, जिससे धोखाधड़ी की पुष्टि होती है।
पीड़ित पक्ष ने उपायुक्त से मांग की है कि जाली दस्तावेज, फर्जी वंशावली और नक्शा बनाने वाले भू-माफियाओं, तत्कालीन पार्षद, क्रेताओं, गवाहों तथा संबंधित अधिकारियों पर तुरुंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। प्रेस वार्ता के दौरन कुछ महिलाएं आकर पहले तो पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार किया पत्रकारों के माइक एवं मोबाइल छीन कर फेंकने का प्रयास किया बाद में एक पक्ष जो प्रेस वार्ता कर रहे थे उनके साथ उलझ गए और ऐंठ पत्थर चलाने लगे देखते देखते दोनों पक्षों में अच्छा खासा मारपीट एवं हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ बाद में कतरास पुलिस को सूचना देने पर कतरास पुलिस अपने दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझने का प्रयास किया जिससे एक पक्ष अपने घर चले गए और एक पक्ष किसी भी हालत में मानने को तैयार नहीं हुए और पुलिस को ही पैसा लेकर एक पक्ष को सहयोग करने का आरोप लगा रहे थे इस पर पुलिस ने एक पक्ष की महिलाओं को थाने ले गई। यह सारा हरकत पत्रकारों ने कवरेज किया
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button