नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बिजनौर : अफजलगढ़ संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग अभियान के दौरान अफजलगढ़ पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मजार कट के पास करीब 25-26 वर्षों से अपनी असली पहचान छिपाकर फर्जी नाम-पते के सहारे रह रहे एक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी नाम-पते वाला आधार कार्ड और पासपोर्ट बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने पूर्व के मुकदमों में सजा से बचने के लिए अपनी पहचान छिपाकर रहने की बात पुलिस को बताई। शनिवार को प्रभारी निरीक्षक मृदुल कुमार ने बताया कि 21 अगस्त को अफजलगढ़ पुलिस संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मजार कट के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ के साथ यक्ष ऐप से फोटो का मिलान कराया गया और स्थानीय स्तर पर पहचान कराई गई। इसके बाद उसकी पहचान इस्लामुद्दीन (हिस्ट्रीशीटर संख्या 133ए) पुत्र शमसुद्दीन निवासी मोहल्ला मियांजी मौखा, कस्बा एवं थाना अफजलगढ़ के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार आरोपी करीब 25-26 वर्षों से अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर रह रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पासपोर्ट और एक आधार कार्ड बरामद हुआ। दोनों दस्तावेजों में फर्जी नाम-पता अंकित पाया गया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने फर्जी नाम-पते से आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाकर अपनी असली पहचान छिपाने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक आरोपी पूर्व में दर्ज मुकदमों में सजा से बचने के लिए अपनी पहचान बदलकर रह रहा था। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है। पहले भी दर्ज हैं गंभीर मुकदमे पुलिस के अनुसार इस्लामुद्दीन का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 1996 में धारा 25 आर्म्स एक्ट और वर्ष 1997 में धारा 394 भादवि के तहत मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके अलावा वर्तमान मामले में वर्ष 2026 का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। इस अवसर पर गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मृदुल कुमार, कस्बा इंचार्ज मनीष कुमार, कांस्टेबल विशाल मलिक आदि शामिल रहे।


