शादीपुर टोल पर आज से ‘टोल की ठक-ठक
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बिजनौर। पानीपत-खटीमा हाईवे पर शादीपुर के पास बने टोल प्लाजा ने बृहस्पतिवार से वाहन चालकों की जेब पर दस्तक दे दी है। टोल वसूली शुरू होते ही मामला गरमा गया है। महज करीब 18 किलोमीटर के सफर पर टोल वसूली को लेकर भारतीय किसान यूनियन प्रधान ने मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है। संगठन का कहना है कि इतनी कम दूरी में टोल वसूली वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली है।
बीते जुलाई माह में कोतवाली देहात क्षेत्र में बने ओवरब्रिज से वाहनों का आवागमन शुरू कराया गया था। इसके बाद अब शादीपुर टोल प्लाजा को भी चालू कर दिया गया है। ऐसे में बिजनौर की ओर से आने-जाने वाले वाहन चालकों को वीकेआईटी से कोतवाली देहात तक करीब 18 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद टोल देना पड़ेगा।
टोल शुरू होते ही भाकियू प्रधान ने सवालों की बौछार कर दी है। संगठन का कहना है कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 20 किलोमीटर के दायरे में टोल वसूली नहीं होने की बात कही गई है। ऐसे में करीब 18 किलोमीटर के दायरे में टोल वसूली शुरू किए जाने को लेकर किसान संगठन ने आपत्ति जताई है।
इतना ही नहीं, भाकियू प्रधान का तर्क है कि यह सड़क फोरलेन नहीं बल्कि टू-लेन है। संगठन सवाल उठा रहा है कि जब सड़क टू-लेन है तो इस पर टोल वसूली का औचित्य क्या है? टोल शुरू होते ही यह मुद्दा अब वाहन चालकों से लेकर किसान नेताओं तक चर्चा का विषय बन गया है।
‘टोल नहीं चलने देंगे’, राजेश प्रधान का ऐलान
भारतीय किसान यूनियन प्रधान के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश प्रधान ने टोल वसूली को लेकर साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि शादीपुर टोल पर टोल वसूली नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और जल्द ही रणनीति तैयार की जाएगी। यदि टोल वसूली बंद नहीं की गई तो भाकियू प्रधान धरना-प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेगी।
राजेश प्रधान के इस ऐलान के बाद शादीपुर टोल प्लाजा को लेकर आने वाले दिनों में टकराव के आसार बढ़ गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग किसान संगठन की चेतावनी के बाद क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल टोल की शुरुआत के साथ ही शादीपुर टोल प्लाजा पर सियासी और किसान आंदोलन की गर्मी बढ़ती दिखाई दे रही है।



