दुमका

पलाश ब्रांड से डोकरा कला एवं स्थानीय उत्पादों को मिल रही नई पहचान

Dokra art and local products are gaining new recognition under the 'Palash' brand.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।

दुमका। ग्रामीण क्षेत्र की स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिला उद्यमियों को गैर-कृषि क्षेत्र में सशक्त बनाने, उनके व्यवसाय के विस्तार एवं स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से झारखंड इनक्यूबेटर कार्यक्रम के तहत जिले में जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। कार्यक्रम को भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) की स्वीकृति प्राप्त है तथा इसे JSLPS के सहयोग से IIM कलकत्ता इनोवेशन पार्क द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके तहत महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, व्यवसाय विकास, ब्रांडिंग, तकनीकी सहयोग, मार्केट लिंकेज एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं में उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे कार्यक्रम उन्हें अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने और आय बढ़ाने का अवसर प्रदान करेंगे। जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती जोयस बेसरा ने कहा कि पलाश ब्रांड के माध्यम से दुमका की पारंपरिक कला एवं स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ना महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पलाश ब्रांड के तहत दुमका की महिला उद्यमियों एवं शिल्पकारों द्वारा तैयार डोकरा कला के पारंपरिक उत्पादों, कलाकृतियों, सजावटी सामग्री एवं आभूषणों को प्रदर्शित एवं बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे स्थानीय शिल्पकारों को बेहतर बाजार एवं उचित मूल्य का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम के तहत 150 उद्यमियों का चयन किया जाना है। चयनित उद्यमियों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, ब्रांडिंग, नेटवर्किंग, मार्केट लिंकेज एवं सरकारी योजनाओं तक पहुंच में सहायता दी जाएगी। पात्र उद्यमियों के लिए ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता अनुदान अथवा ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध कराने का प्रावधान है। पात्र उद्यमी 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। Manufacturing एवं Services Sector में कार्यरत पात्र उद्यमी भी आवेदन कर सकते हैं। JSLPS, दुमका द्वारा विभिन्न प्रखंडों में SHG, सखी मंडल एवं महिला उद्यमियों तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाकर आवेदन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। “पलाश के साथ स्थानीय कला को बाजार, महिला उद्यमियों को पहचान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई उड़ान।”

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Nurul Islam

PRABHARI (MANDAL)

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