ललितपुर
भाजपा, कांग्रेस व सपा के नेताओं समेत डेढ़ सौ से लोगों पर एफआईआर
चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन कराने का मामला
पुलिस ने कहा, बहला-फुसलाकर लगवाया जाम
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। रविवार को इलाइट चौराहा पर शव रखकर हुये प्रदर्शन के मामले में पुलिस की सख्त कार्यवाही सामने आयी है। पुलिस ने पचास से अधिक नामजद और एक सैकड़ा अज्ञात लोगों के खिलाफ गम्भीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। हालांकि इस एफआईआर में मृतक के परिजनों का नाम न होने का भी दावा किया जा रहा है, जबकि प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे तमाम विपक्षी दलों के नेता, व्यापारियों और आम लोगों के नाम एफआईआर में दर्ज कराये गये हैं। अब पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुट गयी है।
परिजनों को बहला-फुसलाकर जाम लगवाने का आरोप
नवीन गल्ला मण्डी चौकी इंचार्ज उ.नि.अरूण कुमार सिंह ने बताया कि टीकमगढ़ में 20 सितम्बर को फांसी लगाने वाले मोहल्ला रामनगर निवासी लक्ष्मीनारायण राठौर के परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे। तभी इलाइट चौराहा पर करीब डेढ़ सौ लोगों ने एकत्र होकर शव रखकर जाम लगा दिया, जिससे लोगों को परेशानियां हुयीं और वाहनों की लम्बी-लम्बी कतारें लग गयीं। तब उन्होंने कोतवाली प्रभारी समेत कंट्रोल रूम के जरिए आलाधिकारियों को अवगत कराया।
आधा दर्जन थानों का पुलिस फोर्स रहा तैनात
जाम लगने के बाद जैसे ही सूचना पुलिस महकमे तक पहुंची तो कोतवाली पुलिस, मण्डी चौकी पुलिस, थाना जखौरा, थाना पाली, थाना महरौनी, थाना जाखलौन व पुलिस लाइन का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस कर्मियों ने मृतक के परिजनों को काफी समझाया, लेकिन वह नहीं मानें और जाम लगाने वालों में मौजूद लोगों ने शव नहीं उठाने दिया और परिजनों को लगातार बरगलाते रहे, जिससे मौके पर मौजूद लोगों को उकसाकर षडय़ंत्र के तहत नारेबाजी करना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर भी खूब चला घटनाक्रम
इलाइट चौराहा पर जाम लगने से लेकर समाप्ति तक सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्मों का उपयोग किया गया। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया के फेसबुक, व्हाट्सऐप के माध्यम से सुनियोजित तरीके से अनैतिक दबाव बनाने के लिए भीड़ एकत्र कर लोक मार्ग को अवैध तरीके से बाधित किया गया और विवाद करना शुरू कर दिया गया, जिनके भय से महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों में अफरा-तफरी मच गयी।
साढ़े चार घण्टे तक जाम लगाने का आरोप
पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने सुबह 9.30 बजे से अपराह्न 2 बजे तक जाम लगाये रखा, जिससे कि आम जनमानस के जीवन, स्वास्थ्य के साथ खिलबाड़ किया गया और कार्य सरकार में बाधा डालते हुये लोक सेवक द्वारा दिये गये विधिपूर्वक आदेशों का उल्लंघन किया गया।
एफआईआर में यह लोग हुये नामजद
एफआईआर में सपा जिलाध्यक्ष नैपाल सिंह यादव, सपा नगराध्यक्ष अभी जैन खजुरिया, सपा नेता नरेन्द्र सिंह राजपूत, पूर्व पार्षद रोहित राठौर, सपा नेता गौरव विश्वकर्मा, कांग्रेस के पूर्व नगराध्यक्ष हरीबाबू शर्मा, भाजपा नगराध्यक्ष भगतसिंह राठौर, युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव रितिक शुक्ला उर्फ मोन्टी, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंकित यादव, पूर्व पार्षद मुस्तफा, राघवेन्द्र सिंह सिमिरिया, रामू कुशवाहा, मनोज कुशवाहा, धीरज कुशवाहा, महेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश, अमित राठौर पुत्र हरीराम, ओम पुत्र भजन, अजीत पुत्र निर्धन, रूपकुमार, छुट्टन पुत्र फूलचंद्र रजक, सौरभ पुत्र सुखदास, संतोष कुशवाहा पुत्र जुजु, राम रजक पुत्र नन्दलाल, अमरदीप राठौर पुत्र खुमान, संजय राठौर पुत्र रामचरन, विनय राठौर पुत्र रामचरन, अनुराग साहू पुत्र राजू साहू, फूलचंद्र, विजय राठौर, नीतेश राठौर, हरदयाल राठौर, फूलचंद्र, करन राठौर, आनन्द राठौर, पृथ्वी पुत्र राकेश, धर्मेंद्र रजक, भूपेन्द्र पुत्र रज्जन, नितिन पुत्र दिनेश, गोल्डी पुत्र कुलदीप, सुन्दर राठौर, राजा पुत्र सूरज, लखन कुशवाहा, अरविन्द राठौर, हरी रजक पुत्र वृन्दावन, दिनेश राठौर चाट वाला, हरप्रसाद कुशवाहा, रमेश्वर कुशवाहा पहलवान, आशू कुशवाहा, रामस्वरूप राठौर, अंकित राठौर, धर्मेंद्र राठौर पुत्र स्व.चन्दन, कन्छेदी राठौर के अलावा 100 अन्य अज्ञात लोगों के नाम दर्ज किये गये हैं।
फोटो-वीडियो से जानकारी जुटा रही पुलिस
पुलिस के अनुसार 53 नामजद के साथ 100 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की गयी है। प्रकरण में सभी नामजद लोगों की शिनाख्त पुलिस कर्मियों द्वारा बनायी गयी वीडियोज और सोशल मीडिया सेल पर जारी तमाम वीडियोज व फुटेज के आधार पर की जा रही है।
इन धाराओं में दर्ज की गयी है एफआईआर
उप निरीक्षक अरूण कुमार की तहरीर पर 53 नामजद व 100 अन्य लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 189 (2), 132, 285 व आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 1932 की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गयी है।