गोड्डा
मदरसा डिग्री की मान्यता समाप्त हुई तो होगा आंदोलन: एस अली।
झारखंडी मुस्लिम के अधिकार लगातार छीने जा रहे है।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
हनवारा प्रतिनिधि : झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा मदरसा आलिम-फाजिल डिग्री जो समकक्ष है स्नातक एवं स्नातकोत्तर के को असंवैधानिक करार दिए जाने के खिलाफ आज महागामा प्रखंड के दिग्घी स्थिति मदरसा में महाबैठक किया गया जिसमें रांची, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज, पाकूड से काफी संख्या में लोग शामिल हुए।
बैठक की अध्यक्षता मदरसा शिक्षक संघ के महासचिव हमीदुल गाजी और संचालन आयज अशद ने किया। बैठक के मुख्य अतिथि झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस अली ने कहा कि शिक्षा विभाग लगातार मुस्लिम समुदाय के शैक्षणिक व्यव्स्था पर बुलडोजर चला रहा, पहले बिना समुचित जांच के 544 सरकारी उर्दू स्कूलों का स्टेटस छीन सामान्य विद्यालय बनाकर जुमा की छुट्टी समाप्त कर दिया, फिर संयुक्त बिहार से वर्ष 1999 में मिले 4401 उर्दू सहायक शिक्षक के पद में रिक्त 3712 पदों को स्नातक टेट उत्तीर्ण से भरने के बजाए सरेंडर कर सहायक आचार्य पद बनाकर ग्रेड पे आधा कर दिया, अब 05 नवम्बर 2024 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के लिए दिए गए फैसले को आधार बनाकर झारखंड में झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा दी जा रही आलिम-फाजिल डिग्री को असंवैधानिक करार देकर मान्यता समाप्त करने की प्रयास की जा रही है जिसे अब बर्दाश्त नही किया जाएगा शिक्षा विभाग के बुलडोज नीति और महागठबंधन सरकार के खामोशी के खिलाफ राज्य के सभी प्रमंडल में अभियान चलाने की बात कही।
उन्होंन सरकार से जैक द्वारा वर्ष 2023 तक दी गई आलिम- फाजिल डिग्री जो समकक्ष है स्नातक एवं स्नातकोत्तर के को वैधानिक मान्यता राज्य कैबिनेट से देने की मांग करते हुए सहायक आचार्य भाषा पद के रिजल्ट जारी करने एवं माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में शामिल करने सहित राज्य के विश्वविद्यालय से आलिम फाजिल डिग्री की परीक्षा आयोजित करने, बिहार मदरसा बोर्ड के तर्ज पर फौकानिया उत्तीर्ण छात्रों को मौलवी स्तरीय कोर्स ( कला , विज्ञान, वाणिज्य) में नामांकन हेत तीनों संकाय की पढ़ाई मौलवी स्तर के मदरसों में शुरू करने, राज्य में सभी प्रकार के शैक्षणिक प्रशैक्षणिक एवं नियुक्ति परीक्षा का माध्यम उर्दू लिपि में भी पूर्व की भाती करने। झारखंड राज्य में मदरसा बोर्ड की गठन जल्द की जाएं। बैठक में गिरिडीह, जामताड़ा, मधुपुर, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, गोड्डा, के बुद्धिजीवी शामिल हुएं इसके अलावा गोड्डा जिला के सभी प्रखंडों के जिला परिषद, प्रमुख, मुखिया एवं पंचायत समिति शामिल हुएं।
इसमें मुख्य रूप से कार्यक्रम को सफल बनाने में दिग्घी गांव नौजवानों और बुद्धिजीवियों का सहयोग रहा ।




