झारखंड

खनिज संपदा से समृद्ध झारखण्ड, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का सपना अब भी अधूरा

Jharkhand is rich in mineral resources, but the dream of basic amenities remains unfulfilled.

मो० नुरुल इस्लाम

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो। पाकुड़। अलग राज्य की मांग को लेकर वर्षों तक चले आंदोलन का परिणाम झारखंड के रूप में सामने आया, लेकिन राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी यहां विकास की तस्वीर उम्मीद के अनुरूप नहीं बन पाई है। खनिज संपदा से भरपूर यह राज्य आज भी कई बुनियादी सेवाओं की कमी से जूझ रहा है। राज्य के लगभग सभी प्रमुख विभागों में आज भी मैनपावर की गंभीर कमी बनी हुई है। स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे की कमजोरी विकास की गति पर सीधे असर डाल रही है। इससे स्पष्ट होता हुआ महसूस की जा रही है कि अबतक के सभी सरकारे इस कमी को पूरा करने की दिशा में अहम भूमिका सुनिश्चित नहीं किया। अन्यथा ऐसी परिस्थिति उभरकर प्रकट नहीं होता। वही राजमहल पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। स्थानीय लोग मामूली इलाज के लिए भी लंबी दूरी तय करने को मजबूर हैं। क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक संसाधनों की कमी लगातार बनी हुई है। पाकुड़, महेशपुर और लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र आज भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी से कोसों दूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेल मार्ग की सुविधा मिलने से रोजगार, शिक्षा और व्यापार के अवसरों में बड़ा सुधार आ सकता है। पाकुड़ क्षेत्र से बड़ी मात्रा में खनिज संपदा प्रतिदिन बाहर भेजी जाती है। बावजूद इसके स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ और राजस्व के रूप में बहुत कम फायदा मिलता है। रोजगार सृजन भी अपेक्षा से काफी कम है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। राज्य में सड़क नेटवर्क में सुधार तो हुआ है, लेकिन स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का विकास अब भी अधूरा है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में युवा और मजदूर तबके के लोग बेहतर जीवन की तलाश में राज्य के बाहर पलायन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, झारखंड आन्दोलन के दौरान जो सपने देखे गये थे, वे अब भी पूरे नहीं हुए हैं। लोग अब भी एक ऐसे कल की उम्मीद में हैं जिसमें बुनियादी सुविधाएं उनके द्वार तक पहुंचें और राज्य अपने संसाधनों का लाभ वास्तव में अपने निवासियों तक पहुंचा सके। राज्य भर में जहां झारखण्ड स्थापना दिवस समारोह बड़े ही धूमधाम और भव्य तरीके से मनाया गया।‌ वही राज्य के आमजनों में एक उम्मीद की किरणें सपने के उम्मीदों से है कि शायद भविष्य में झारखण्ड की दिशा व दशा निश्चित रूप से उभरकर प्रकट होगा और झारखण्ड वासी गर्व से कहेंगे कि हम झारखण्डी है। हालांकि वर्तमान राज्य सरकार झारखण्ड को संवारने की जद्दोजहद में लगे हैं जो आगे चलकर एक नया आयाम स्थापित कर सकता है। हेमन्त सरकार की आपकी योजना- आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत राज्य के अन्तिम वंचित तबके तक को आसानी से सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सुनिश्चित हुआ है और लोग उल्लेखनीय कार्यक्रम के सहारे अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने में सहायक बने हैं। वर्तमान में पुनः 21 नवंबर से 15 दिसंबर 2025 तक आयोजित होने जा रही है जो सरकारी मुलाजिम गांव तक अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायक होंगे। हालांकि यह कार्यक्रम झारखंडियों की उत्थान के ध्यानार्थ आयोजित की जा रही है। वही पाकुड़ जिले के युवा डीसी मनीष कुमार ने पाकुड़ को संवारने के ध्यानार्थ एक नया आयाम स्थापित किया है जो आगे चलकर पिछड़ता पाकुड़ से पछाड़ता पाकुड़ की इश्यू को चरितार्थ करते हुए विकसित जिले के पंक्ति में कलमबद्ध करेगा।

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